गिद्धौर/बिहार (Gidhaur/Jamui), 26 जुलाई 2026, रविवार : मानसून की पहली अच्छी बारिश ने ग्राम पंचायत राज पतसंडा में विकास कार्यों और जल निकासी व्यवस्था की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी है। बारिश के बाद पंचायत के अंतर्गत आने वाले गिद्धौर बाजार की कई मुख्य एवं संपर्क सड़कें जलमग्न हो गईं। नालों का पानी सड़कों पर बहने लगा, जिससे राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय दुकानदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हल्की से मध्यम बारिश के बाद ही गिद्धौर बाजार के कई हिस्सों में जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। सड़क और नाले का अंतर समाप्त हो जाने से लोगों को आवागमन में काफी कठिनाई होती है। कई स्थानों पर पानी सड़क पर तेज़ी से बहता रहा, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को फिसलने का खतरा बना रहा।
ग्रामीणों के अनुसार जलजमाव का मुख्य कारण नालों की नियमित सफाई नहीं होना है। नालों में बड़ी मात्रा में कचरा और पॉलीथीन जमा होने से जल निकासी पूरी तरह बाधित हो रही है। परिणामस्वरूप बारिश का पानी नालों से निकलने के बजाय सड़कों पर फैल जाता है और घंटों तक जमा रहता है। इससे न केवल यातायात प्रभावित हो रहा है, बल्कि आसपास के दुकानदारों और स्थानीय निवासियों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं।
गिद्धौर बाजार की कई गली-मोहल्लों की स्थिति और भी चिंताजनक बनी हुई है। जलभराव के कारण लोगों को घरों से निकलने में कठिनाई हो रही है। कई जगहों पर गंदा पानी सड़कों पर जमा रहने से दुर्गंध फैलने लगी है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की सफाई और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो लगातार हो रही बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है। स्थानीय नागरिकों ने पंचायत प्रशासन से नियमित रूप से नालों की सफाई कराने, जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा बाजार क्षेत्र में स्थाई समाधान की मांग की है। लोगों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के मौसम में यही स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन समस्या के स्थाई समाधान की दिशा में अब तक कोई प्रभावी पहल नहीं की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि गिद्धौर बाजार क्षेत्र पंचायत का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग खरीदारी और अन्य कार्यों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में जलजमाव और सड़कों पर बहते नाले के पानी से आमजन के साथ-साथ व्यापारियों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि बरसात के मौसम को देखते हुए तत्काल नालों की सफाई कराई जाए, अवैध रूप से फेंके जा रहे कचरे और पॉलीथीन पर प्रभावी रोक लगाई जाए तथा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके।







