जमुई/बिहार। जिले में औद्योगिक विकास को नई गति देने तथा निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। स्थानीय युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और जमुई को औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला पदाधिकारी के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रशासनिक एवं तकनीकी टीम ने चकाई प्रखंड का दौरा कर औद्योगिक उपयोग के लिए चिन्हित भूमि का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया।
जिला प्रशासन का मानना है कि औद्योगिक निवेश केवल आर्थिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, उद्यमिता को प्रोत्साहन और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का आधार भी है। इसी सोच के अनुरूप प्रशासन संभावित औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित करने तथा निवेशकों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहा है।
निरीक्षण दल में जिला पदाधिकारी के साथ औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण के प्रतिनिधि, वन प्रमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता तथा जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। टीम ने चकाई अंचल के अंतर्गत औद्योगिक उपयोग के लिए प्रस्तावित एवं आरक्षित भूखंडों का स्थल पर पहुंचकर गहन निरीक्षण किया। इस दौरान भूमि की वास्तविक स्थिति, स्वामित्व, अतिक्रमण मुक्त होने की स्थिति, भौगोलिक अनुकूलता तथा औद्योगिक गतिविधियों के लिए उसकी उपयोगिता का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि उद्योग स्थापित करने के इच्छुक निवेशकों को भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी बाधा का सामना नहीं करना पड़े। इसके लिए भूमि हस्तांतरण, आवश्यक स्वीकृतियों एवं अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर विशेष जोर दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया, पर्यावरणीय स्वीकृतियों तथा अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने से संबंधित पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
अधिकारियों ने इस बात पर सहमति जताई कि सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुरूप शीघ्र पूरी की जाएं, ताकि प्रस्तावित औद्योगिक परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब न हो। इस दौरान औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों ने प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया। सड़क संपर्क, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, जल निकासी व्यवस्था, पेयजल उपलब्धता तथा अन्य बुनियादी ढांचागत आवश्यकताओं का आकलन कर भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की गई, ताकि उद्योगों के संचालन के लिए आधुनिक एवं सुविधाजनक वातावरण विकसित किया जा सके।
निरीक्षण के उपरांत जिला पदाधिकारी ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों एवं अपार संभावनाओं से समृद्ध जमुई को औद्योगिक विकास की मुख्यधारा से जोड़ना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि चकाई सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उद्योगों की स्थापना से न केवल निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे युवाओं को रोजगार के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ भूमि हस्तांतरण, पर्यावरणीय स्वीकृतियों तथा अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि प्रशासन निवेशकों के लिए पारदर्शी, सरल एवं उद्योग-अनुकूल व्यवस्था विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिला प्रशासन का मानना है कि इस दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप आने वाले समय में जमुई में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। इससे जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी सृजित होंगे तथा जमुई औद्योगिक विकास के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करने की ओर अग्रसर होगा।







