पटना/बिहार। बिहार सरकार की प्राथमिकता वाली विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा को लेकर सोमवार को मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), बिहार की संयुक्त अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जमुई से जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लेते हुए जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं की अद्यतन स्थिति से राज्य मुख्यालय को अवगत कराया।
बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, विद्युत अवसंरचना की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था की स्थिति, 'हर थाली में बिहार की तरकारी' (VEGFED) योजना, पंचायत विकास दिवस एवं आगामी श्रावणी मेला की तैयारियों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत समीक्षा की गई। राज्य सरकार ने सभी जिलों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा समयबद्ध निष्पादन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों तक निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण एवं भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने हाल के दिनों में कृषि फीडरों, विद्युत तारों, केबलों, कॉपर कॉइल तथा ट्रांसफॉर्मरों से तेल की चोरी की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए इसे विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने वाला गंभीर अपराध बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्युत अवसंरचना राज्य की अमूल्य सार्वजनिक संपत्ति है और इसे क्षति पहुंचाने वाले असामाजिक तत्वों तथा संगठित गिरोहों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
पुलिस महानिदेशक ने सभी जिलों के पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया कि संवेदनशील विद्युत उपकेंद्रों, कृषि फीडरों एवं अन्य महत्वपूर्ण विद्युत प्रतिष्ठानों के आसपास नियमित एवं सघन गश्ती अभियान चलाया जाए। उन्होंने विद्युत चोरी एवं अवसंरचना को नुकसान पहुंचाने से संबंधित मामलों में दर्ज प्राथमिकी पर त्वरित अनुसंधान कर शीघ्र चार्जशीट दाखिल करने तथा ऐसे मामलों का स्पीडी ट्रायल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही चोरी किए गए विद्युत उपकरणों की अवैध खरीद-बिक्री में संलिप्त कबाड़ी कारोबारियों एवं अपराधी गिरोहों के पूरे नेटवर्क की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने को कहा।
बैठक में विद्युत अवसंरचना की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक जिले में कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल के नेतृत्व में एक समर्पित मॉनिटरिंग सेल गठित करने का भी निर्देश दिया गया। यह सेल विद्युत परिसंपत्तियों की रियल-टाइम निगरानी करेगा तथा चोरी अथवा क्षति की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
बैठक के उपरांत जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से कहा कि विद्युत अवसंरचना जिले के विकास, किसानों की सिंचाई व्यवस्था एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने अथवा विद्युत सामग्री की चोरी करने वाले किसी भी व्यक्ति या गिरोह को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा तथा उनके विरुद्ध कानून के अनुरूप कठोर कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति का भी विस्तार से आकलन किया गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि योजना के लाभार्थियों को शीघ्र ऋण उपलब्ध कराने के लिए सभी जिलों में बैंकर्स के साथ समन्वय बैठक आयोजित की जाए, ताकि ऋण स्वीकृति प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया जा सके। उन्होंने चयनित एजेंसियों को सोलर पैनल एवं उससे संबंधित संरचनाओं की स्थापना एक साथ करने के निर्देश दिए, जिससे कार्य में अनावश्यक विलंब न हो और अधिकाधिक परिवार इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।
बैठक में किसानों की आय बढ़ाने एवं सब्जी उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित 'हर थाली में बिहार की तरकारी' (VEGFED) योजना की भी समीक्षा की गई। इसके अंतर्गत जमुई जिले के सोनो, गिद्धौर एवं चकाई प्रखंडों में प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहयोग समिति (PVCS) के लिए भूमि चिन्हित कर आवश्यक आधारभूत संरचना के निर्माण की दिशा में त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया, ताकि किसानों को संग्रहण, विपणन एवं बेहतर मूल्य की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
इसके अतिरिक्त बैठक में पंचायत विकास दिवस के अवसर पर नवनिर्मित राशन कार्डों के वितरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र लाभुकों तक खाद्यान्न की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आगामी श्रावणी मेला के सफल एवं सुरक्षित आयोजन के लिए विधि-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधाओं एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समय रहते पूर्ण करने पर भी विशेष बल दिया गया।
बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में समन्वय, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए प्रत्येक योजना का लाभ समय पर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की नियमित समीक्षा एवं प्रभावी निगरानी से ही सुशासन और विकास के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।







