जमुई/बिहार। बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'सात निश्चय–3' के अंतर्गत संचालित 'सबका सम्मान, जीवन आसान' अभियान को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने तथा आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को समाहरणालय परिसर में जनता दरबार का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी के निर्देश पर आयोजित इस जनता दरबार की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त ने की। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किए।
जनता दरबार के दौरान उप विकास आयुक्त ने प्रत्येक फरियादी की समस्याओं को गंभीरता, संवेदनशीलता एवं धैर्यपूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य आम नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत दिलाते हुए उनकी समस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान उपलब्ध कराना है।
जनता दरबार में विभिन्न प्रशासनिक, राजस्व, विकास एवं सामाजिक कल्याण विभागों से संबंधित कुल 19 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें सर्वाधिक मामले भूमि विवाद एवं राजस्व से जुड़े रहे। आवेदकों ने भूमि की नापी, सीमांकन, दाखिल-खारिज, अवैध कब्जा हटाने तथा अन्य राजस्व संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग की। इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के लिए संबंधित अंचलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं एवं अन्य दुर्घटनाओं से प्रभावित लोगों ने आपदा राहत कोष एवं अनुग्रह अनुदान की लंबित राशि का शीघ्र भुगतान कराने की मांग रखी। कई आवेदनों में सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिलने की शिकायत भी दर्ज कराई गई।
सेवा संबंधी मामलों में विभिन्न सरकारी विभागों में चल रही नियुक्ति प्रक्रियाओं से जुड़े आवेदन प्राप्त हुए। वहीं समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) के अंतर्गत आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका चयन प्रक्रिया में आ रही तकनीकी एवं प्रशासनिक कठिनाइयों को लेकर भी अभ्यर्थियों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। इसके अतिरिक्त पंचायत चुनाव के दौरान चुनावी एवं प्रशासनिक कार्यों का दायित्व निभाने वाले कर्मियों ने अब तक लंबित मानदेय एवं पारिश्रमिक के भुगतान की मांग प्रशासन के समक्ष रखी।
प्राप्त आवेदनों की समीक्षा के उपरांत उप विकास आयुक्त ने संबंधित अंचलाधिकारियों, बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों से दूरभाष एवं पत्राचार के माध्यम से तत्काल संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता दरबार में प्राप्त सभी 19 मामलों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निष्पादन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आम जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक विभाग को निर्देशित किया गया है कि शिकायतों पर की गई कार्रवाई का विस्तृत प्रतिवेदन निर्धारित समय के भीतर जिला पदाधिकारी को उपलब्ध कराया जाए, ताकि समस्याओं के समाधान की नियमित निगरानी की जा सके।
उप विकास आयुक्त ने कहा कि जनता दरबार सरकार और आम नागरिकों के बीच संवाद का एक प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जनविश्वास को भी मजबूती मिल रही है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता से जुड़े मामलों का संवेदनशीलता के साथ निपटारा करें, ताकि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंच सके।







