झाझा/जमुई। जिले की पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने की दिशा में पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। जारी जिलादेश संख्या-613/2026 के तहत कई पुलिस अधिकारियों का स्थानांतरण एवं पदस्थापन किया गया है। इस आदेश के अनुसार पुलिस निरीक्षक (पु०नि०) मिंटू कुमार सिंह को झाझा थाना का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनके पदस्थापन को लेकर पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी), मुंगेर क्षेत्र से अनुमोदन प्राप्त होने के बाद यह आदेश प्रभावी किया गया।
जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक, जमुई कार्यालय द्वारा पत्रांक-951/गो० दिनांक 19 जून 2026 के माध्यम से डीआईजी मुंगेर से संबंधित अधिकारियों के स्थानांतरण एवं पदस्थापन की अनुमति मांगी गई थी। डीआईजी कार्यालय के ज्ञापांक-1118/गो०, दिनांक 19 जून 2026 द्वारा प्रस्तावित पदस्थापनों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई, जिसके बाद यह आदेश जारी किया गया।
जारी आदेश के अनुसार वर्तमान में खैरा थाना के थानाध्यक्ष के रूप में कार्यरत पु०नि० मिंटू कुमार सिंह को झाझा थाना की कमान सौंपी गई है। वहीं प्रभारी अभियोजन कोषांग एवं अतिरिक्त प्रभार विधि-व्यवस्था शाखा में कार्यरत पु०नि० संजय कुमार को खैरा थाना का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय में विशेष कार्य पदाधिकारी के रूप में कार्यरत पु०नि० शशिभूषण कुमार को प्रभारी अभियोजन कोषांग तथा अतिरिक्त प्रभार विधि-व्यवस्था शाखा में पदस्थापित किया गया है।
पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि सभी नवपदस्थापित अधिकारी 24 घंटे के भीतर अपने-अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान सुनिश्चित करेंगे तथा अनुपालन प्रतिवेदन समर्पित करेंगे। साथ ही योगदान से पूर्व आवश्यक अर्हता प्रमाण-पत्र एवं अन्य निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध कराना भी अनिवार्य होगा।
आदेश में बिहार सरकार के गृह विभाग (विशेष शाखा) द्वारा जारी संकल्पों का उल्लेख करते हुए यह भी दोहराया गया है कि थानाध्यक्ष अथवा अंचल पुलिस निरीक्षक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर केवल उन्हीं अधिकारियों की नियुक्ति की जा सकती है, जिनके विरुद्ध किसी प्रकार की दोषसिद्धि, गंभीर विभागीय कार्रवाई, भ्रष्टाचार, महिलाओं से दुर्व्यवहार, अभिरक्षा में हिंसा अथवा अन्य नैतिक अधःपतन (Moral Turpitude) से संबंधित आरोप सिद्ध नहीं हुए हों। इसके अलावा जिन अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जांच लंबित हो या जिन्हें तीन अथवा उससे अधिक वृहद दंड प्राप्त हो चुके हों, उन्हें ऐसे पदों पर पदस्थापित नहीं किया जा सकता।
पुलिस महकमे में हुए इस प्रशासनिक फेरबदल को जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेष रूप से झाझा जैसे महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील थाना क्षेत्र में नए थानाध्यक्ष की नियुक्ति से पुलिस कार्यप्रणाली में नई ऊर्जा और प्रभावशीलता आने की उम्मीद जताई जा रही है।







