जमुई/बिहार (Jamui/Bihar), 30 अप्रैल 2026, गुरुवार : जमुई सिविल कोर्ट परिसर में आगामी 09 मई को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत को लेकर प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस बहुप्रतीक्षित आयोजन को सफल बनाने के उद्देश्य से न्याय सदन के प्रशाल में जिले के सभी थानाध्यक्षों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिलीप कुमार राय ने स्पष्ट रूप से कहा कि नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए हर स्तर पर समन्वय और सक्रियता जरूरी है। उन्होंने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि अपने-अपने थाना क्षेत्रों में लंबित मामलों से जुड़े पात्र पक्षकारों को अनिवार्य रूप से नोटिस तामिला कराना सुनिश्चित करें, ताकि अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण संभव हो सके।
सीजेएम ने यह भी कहा कि चौकीदारों के माध्यम से गांव-गांव तक लोक अदालत की जानकारी पहुंचाई जाए और लोगों को इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाए। विशेष रूप से ग्राम कचहरियों में लंबित वादों के निष्पादन के लिए भी संबंधित वादियों को नोटिस भेजने और उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने पर जोर दिया गया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रत्येक पुलिस थाना में एक हेल्प डेस्क का गठन किया जाएगा, जहां आम नागरिकों को नेशनल लोक अदालत की प्रक्रिया, लाभ और उसमें भाग लेने के तरीके की जानकारी दी जाएगी। साथ ही, प्रत्येक थाना में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति करने का भी सुझाव दिया गया, जो इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा।
प्रचार-प्रसार को भी इस आयोजन की सफलता का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए सीजेएम ने निर्देश दिया कि गश्ती वाहनों के जरिए भी लोक अदालत से संबंधित जानकारी का प्रसार किया जाए। इसके अलावा, प्रधान जिला जज द्वारा आम जनता के लिए जारी संदेश को भी प्राथमिकता के साथ लोगों तक पहुंचाने की बात कही गई।
वहीं, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रभारी सचिव चंद्रबोस कुमार सिंह ने जानकारी दी कि इस लोक अदालत में ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों का भी निपटारा किया जाएगा। उन्होंने ट्रैफिक थाना सहित सभी संबंधित थानों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में नामित पक्षकारों को समय पर नोटिस तामिला कराएं, ताकि वे लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने मामलों का समाधान करा सकें।
बैठक में अमरेंद्र कुमार (जमुई नगर थानाध्यक्ष), न्यायालय कर्मी मुकेश रंजन सहित जिले के अधिकांश थानाध्यक्ष मौजूद रहे। गौरतलब है कि नेशनल लोक अदालत एक ऐसा मंच है, जहां आपसी सहमति से विवादों का त्वरित और सस्ता समाधान संभव होता है। ऐसे में प्रशासन द्वारा किए जा रहे ये प्रयास न केवल न्याय प्रक्रिया को सरल बनाएंगे, बल्कि आम लोगों को भी बड़ी राहत प्रदान करेंगे।






