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बुधवार, 18 मार्च 2026

रसोई गैस की कालाबाजारी का नया खेल! बुकिंग हुई लेकिन सिलेंडर बिना पहुंचे ही ‘डिलिवर्ड’ का मैसेज

झाझा/जमुई (Jhajha/Jamui), 18 मार्च 2026, बुधवार : देशभर में रसोई गैस की किल्लत के बीच अब जमुई जिले के झाझा से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने गैस आपूर्ति व्यवस्था और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां उपभोक्ताओं के साथ एक ऐसा खेल सामने आ रहा है, जिसमें वे ऑनलाइन गैस सिलेंडर बुक कर रहे हैं, लेकिन सिलेंडर उनके घर तक पहुंचे बिना ही मोबाइल पर ‘डिलिवर्ड’ का मैसेज भेज दिया जा रहा है।

स्थिति यह है कि उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद डीएसी (डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड) नंबर मिल रहा है और कुछ ही समय बाद उनके मोबाइल पर यह सूचना आ जाती है कि सिलेंडर की डिलीवरी पूरी कर दी गई है। जबकि हकीकत इससे बिल्कुल उलट है, न तो उपभोक्ता को सिलेंडर मिला, न ही वे एजेंसी तक पहुंचे।

त्योहारों के बीच गहराया गैस संकट
ईद, चैत्र नवरात्र, चैती छठ और रामनवमी जैसे बड़े पर्वों के आगमन के बीच रसोई गैस की किल्लत ने आम लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। इन त्योहारों पर घरों में विशेष पकवान और पूजा-पाठ की तैयारियां होती हैं, लेकिन गैस सिलेंडर की कमी के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि त्योहारों की खुशियां गैस संकट की मार में फीकी पड़ती नजर आ रही हैं और लोग समय पर सिलेंडर मिलने की उम्मीद में घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं।

लोगों के बीच यह आशंका गहराने लगी है कि कहीं उपभोक्ताओं के नाम पर बुक किए गए सिलेंडर की कालाबाजारी तो नहीं की जा रही है। डिलीवरी के मैसेज के साथ ही अगली बुकिंग की तारीख भी 25 दिन बाद की दिखा दी जाती है, जिससे उपभोक्ता और अधिक असहाय महसूस कर रहे हैं।

मां भवानी गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं का गुस्सा
जमुई जिले के झाझा स्थित मां भवानी गैस एजेंसी के बाहर इन दिनों उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। गिद्धौर निवासी सुशांत साईं सुंदरम सहित कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि उन्होंने ऑनलाइन सिलेंडर बुक कराया लेकिन सिलेंडर उन्हें मिला ही नहीं। उपभोक्ताओं का कहना है कि जब वे शिकायत लेकर एजेंसी पहुंचे, तो वहां से यही जवाब मिला कि रिकॉर्ड में सिलेंडर पहले ही डिलीवर दिखाया जा चुका है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि अगर सिस्टम में डिलीवरी हो गई, तो सिलेंडर आखिर गया कहां?

रात 1-2 बजे से लग रही लंबी कतारें
गैस संकट और अनियमितता के कारण हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि लोग रात 1 से 2 बजे के बीच ही खाली सिलेंडर लेकर लाइन में लग जा रहे हैं। सुबह होते-होते एजेंसी के बाहर 200 से 300 लोगों की लंबी कतार लग जाती है, जो कई बार 500 के पार भी पहुंच जाती है। महिलाएं, बुजुर्ग और परिवार के अन्य सदस्य घंटों इंतजार करते हैं, लेकिन इसके बावजूद यह तय नहीं होता कि उन्हें सिलेंडर मिलेगा या नहीं। कई बार तो सिलेंडर खत्म हो जाने के कारण लोगों को खाली हाथ ही वापस लौटना पड़ता है।
महिलाओं और बुजुर्गों की सबसे ज्यादा परेशानी
इस अव्यवस्था का सबसे अधिक असर महिलाओं और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। कई बुजुर्ग महिलाएं सुबह 5 बजे से लाइन में खड़ी रहती हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें गैस नहीं मिल पाती। महिलाओं का कहना है कि घर की रसोई पूरी तरह गैस पर निर्भर है। यदि समय पर सिलेंडर नहीं मिला, तो खाना बनाना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में उन्हें मजबूरी में एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

कालाबाजारी की आशंका, जांच की मांग तेज
लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने उपभोक्ताओं के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग अपनी बुकिंग की रसीद और मोबाइल मैसेज दिखाकर एजेंसी से जवाब मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं मिल पा रहा है। कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि उनके नाम पर बुक किए गए सिलेंडर ब्लैक में बेचे जा रहे हैं। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि कई बार देर से आने वाले लोगों को भी पहले सिलेंडर दे दिया जाता है, जिससे वितरण प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
झाझा में गैस एजेंसी के बाहर लगी लंबी कतारें और उपभोक्ताओं की परेशानी साफ संकेत दे रही है कि शहर में गैस आपूर्ति व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

प्रोपराइटर कॉल नहीं उठा रहे, कर्मी फोन बंद कर ले रहे
वहीं मामले को लेकर मां भवानी गैस एजेंसी के प्रोपराइटर रविशंकर पासवान, कृष्णा पासवान, कर्मी परवेज़ आलम, रणधीर एवं रंजन कुमार के मोबाइल नंबर पर कई बार कॉल किए जाने पर रिसीव नहीं किया गया या नंबर बंद बताया। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को कितनी जल्दी सुलझाता है और उपभोक्ताओं को इस अव्यवस्था से कब राहत मिलती है।

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