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रविवार, 1 फ़रवरी 2026

जमुई : सरयू सेवा सदन में स्व-रचित शिक्षण-अधिगम सामग्री की भव्य प्रदर्शनी, शिक्षकों ने बटोरी सराहना

जमुई/बिहार। रविवार को शहर के सरयू सेवा सदन परिसर में समग्र सेवा द्वारा संचालित जमुई, खैरा एवं बरहट प्रखंड के सामुदायिक सांस्कृतिक शिक्षण केंद्रों के शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता से स्व-रचित शिक्षण-अधिगम सामग्री निर्माण एवं शैक्षणिक उपकरण प्रदर्शन प्रदर्शनी का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शिक्षकों ने अपनी नवाचारी सोच और रचनात्मक क्षमता का परिचय देते हुए बच्चों के लिए तैयार की गई विविध शिक्षण सामग्रियों का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षकों द्वारा कक्षा 6 से कक्षा 8 तक के बच्चों के स्तर, रुचि एवं आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विषयों से संबंधित शिक्षण-अधिगम सामग्री का निर्माण किया गया। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य महादलित समुदाय के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, सरल, रोचक एवं प्रभावी शिक्षा उपलब्ध कराना रहा, ताकि उनकी समझने की क्षमता का विकास हो और जटिल विषय भी उनके लिए सहज बन सकें।
प्रदर्शनी में हिंदी, अंग्रेजी तथा गणित विषयों से संबंधित अनेक प्रकार की शिक्षण सामग्री प्रस्तुत की गई। इन सामग्रियों के माध्यम से बच्चों में सीखने के प्रति रुचि, सक्रिय सहभागिता, तार्किक चिंतन एवं रचनात्मकता को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया, जिससे वे पढ़ाई की प्रक्रिया में आनंद के साथ भाग ले सकें।
विशेष बात यह रही कि सभी शिक्षण-अधिगम सामग्री बेकार या पुनः उपयोग योग्य वस्तुओं जैसे गत्ते, चार्ट पेपर, गोटी, रंगीन कागज आदि से तैयार की गई थी। इससे कम लागत में आकर्षक एवं उपयोगी शिक्षण सामग्री विकसित करने का संदेश मिला। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने वाली रही, बल्कि सीमित संसाधनों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक प्रेरणादायक प्रयास भी साबित हुई।

कार्यक्रम का अवलोकन समग्र सेवा के सचिव श्री मकेश्वर जी ने किया। उन्होंने शिक्षकों द्वारा तैयार की गई शिक्षण-अधिगम सामग्री की विस्तार से समीक्षा की और उनकी रचनात्मकता की भूरी-भूरी प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि तैयार की गई शिक्षण सामग्री का नियमित रूप से सभी शिक्षण केंद्रों पर उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा बच्चों को खेल-खेल में सीखने की पद्धति के माध्यम से पढ़ाया जाए, ताकि उनकी रुचि बनी रहे और सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सके।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने आपस में अपने अनुभव साझा किए तथा शिक्षण प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाने के लिए विचार-विमर्श किया। अंत में यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि भविष्य में भी इस प्रकार के शिक्षण-अधिगम सामग्री निर्माण एवं प्रदर्शनी कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाएंगे, ताकि बच्चों के शैक्षणिक विकास को निरंतर गति मिलती रहे और शिक्षा का स्तर और अधिक सुदृढ़ हो सके।

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