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गुरुवार, 5 फ़रवरी 2026

गिद्धौर के विराट महायज्ञ में रामलीला का भावपूर्ण मंचन, सजीव अभिनय ने दर्शकों को किया भाव-विभोर

गिद्धौर/जमुई (Gidhaur/Jamui), 5 फरवरी 2026, गुरुवार : गिद्धौर के ऐतिहासिक पंच मंदिर परिसर के समीप सनातन संस्कृति सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय विराट महायज्ञ अपने दिव्य और भव्य स्वरूप के साथ पूरे क्षेत्र को भक्ति के रंग में रंग रहा है। 2 फरवरी से 10 फरवरी तक चल रहे इस विराट आयोजन के दूसरे दिन मंगलवार की देर शाम श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रीधाम वृंदावन से पधारे सुप्रसिद्ध रामकथा प्रवक्ता पंडित कृष्णकांत जी महाराज ने अपने ओजस्वी वाणी और भावपूर्ण कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को श्रीरामकथा का रसपान कराया।

कथा के दौरान पंडित कृष्णकांत जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम का संपूर्ण जीवन मानव समाज के लिए मर्यादा, आदर्श, सत्य, त्याग और कर्तव्य का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात कर ले, उसका जीवन स्वयं धर्ममय और सफल हो जाता है। उन्होंने भवसागर से पार उतरने के लिए भगवत नाम के स्मरण पर विशेष बल देते हुए कहा कि सनातन संस्कृति में नाम का अत्यंत महत्व है, इसलिए सनातनी परिवारों को अपने बच्चों के नाम देवी-देवताओं से संबंधित रखने चाहिए, ताकि हर बार नाम लेने के साथ ही ईश्वर का स्मरण होता रहे। कथा के दौरान पूरा परिसर “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा और श्रद्धालु भाव-विभोर होकर रामनाम का जाप करते नजर आए।

वहीं प्रयागराज से पधारी रामलीला मंडली ने धर्मदेव व्यास के कुशल निर्देशन में रामलीला का सजीव और अत्यंत प्रभावशाली मंचन प्रस्तुत किया। दूसरे दिन की रामलीला में जनकपुरी में आयोजित सीता स्वयंवर का दृश्य मंचित किया गया, जहां अनेक महारथी शिवधनुष उठाने में असफल रहे। अंततः भगवान श्रीराम ने शिवधनुष तोड़कर माता सीता का वर प्राप्त किया। धनुष टूटते ही पूरा पंडाल तालियों और जयघोष से गूंज उठा। कलाकारों की सशक्त अभिनय शैली, प्रभावी संवाद अदायगी, भावपूर्ण हाव-भाव और पारंपरिक वेशभूषा ने दर्शकों को उस युग में पहुंचा दिया, जिससे लोग भावनाओं में बहकर मंत्रमुग्ध हो उठे।

महायज्ञ के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भव्य भंडारे की भी व्यवस्था की गई, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने महाप्रसाद ग्रहण किया। आयोजन स्थल पर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की भारी भीड़ देखी गई और हर वर्ग के लोग पूरे श्रद्धा भाव से कार्यक्रम का आनंद लेते नजर आए।
कार्यक्रम के सफल संचालन में सनातन संस्कृति सेवा समिति के अध्यक्ष सोनू कुमार, सचिव सुमन कुमार, कोषाध्यक्ष बिट्टू कुमार, सह-कोषाध्यक्ष रॉकी कुमार, उपाध्यक्ष राजेश कुमार उर्फ पाजो जी सहित अमित कुमार गोलू, संतोष कुमार, धीरज रावत, रणवीर राव, प्रिंस झा, बजरंगी रावत, रॉनित कुमार, राजन कुमार, विकास कुमार एवं अन्य सदस्य पूरे समर्पण भाव से जुटे हुए हैं। कार्यक्रम में शंभू केशरी, मुकेश केशरी, कर्मवीर मेहता, उत्तम कुमार झा, अरुण बरनवाल, मानसी बरनवाल, प्रियांशी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

समिति के अध्यक्ष सोनू कुमार ने जानकारी दी कि प्रतिदिन शाम 5 बजे से पंडित कृष्णकांत जी महाराज द्वारा श्रीरामकथा का वाचन किया जा रहा है, जबकि शाम 8 बजे से प्रयागराज की रामलीला मंडली द्वारा भव्य रामलीला का मंचन हो रहा है। साथ ही प्रतिदिन शाम 7 बजे से श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई है। इस विराट आयोजन में राजनीतिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित हस्तियों को भी आमंत्रित किया गया है।
विराट महायज्ञ और रामलीला के माध्यम से गिद्धौर का संपूर्ण वातावरण इस समय सनातन संस्कृति, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया है, जिससे क्षेत्र में धार्मिक चेतना और आपसी सद्भाव का अद्भुत संदेश फैल रहा है।

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