जमुई/बिहार (Jamui/Bihar), 5 जनवरी 2025, सोमवार : कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच जहां आम जनजीवन प्रभावित है, वहीं समाज के सबसे कमजोर वर्ग, दिव्यांग, वृद्ध और असहाय लोगों—के लिए यह मौसम और भी कठिन साबित होता है। ऐसे समय में प्रबोध जन सेवा संस्थान ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए राहत का हाथ बढ़ाया। बरहट प्रखंड अंतर्गत मलयपुर ग्राम स्थित कांटाही भवन में संस्थान की ओर से कंबल वितरण कार्यक्रम (भाग–3) का सफल आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों दिव्यांग एवं वास्तविक जरूरतमंद लोगों को प्राथमिकता के आधार पर कंबल प्रदान किए गए।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन दिव्यांगजनों तक राहत पहुंचाना था, जिनके लिए ठंड से बचाव के साधन जुटा पाना कठिन होता है। शीतलहर के बीच आयोजित इस सेवा कार्य ने यह संदेश दिया कि समाज जब एकजुट होकर कमजोर वर्ग के साथ खड़ा होता है, तभी सच्चे अर्थों में मानवता जीवित रहती है। कंबल पाकर लाभार्थियों के चेहरों पर राहत, संतोष और भावनात्मक सुकून साफ झलक रहा था।
कार्यक्रम के दौरान प्रबोध जन सेवा संस्थान के सचिव सुमन सौरभ ने कहा कि दिव्यांगों की गरिमा, सुरक्षा और सम्मान संस्थान की सेवा सोच का मूल आधार है। उन्होंने कहा कि ठंड जैसे संकट के समय उनके साथ खड़ा होना केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि एक नैतिक और मानवीय जिम्मेदारी भी है। संस्थान हमेशा यह प्रयास करता है कि सेवा कार्य दिखावे तक सीमित न रहें, बल्कि वास्तविक जरूरतमंदों तक सीधा लाभ पहुंचे।
संस्थान से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता सुदर्शन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कंबल वितरण अभियान एक निरंतर श्रृंखला का हिस्सा है। आने वाले दिनों में भी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में दिव्यांगों, वृद्धों और असहाय लोगों के लिए ऐसे राहत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि कोई भी जरूरतमंद ठंड के कारण पीड़ा न झेले।
प्रबोध जन सेवा संस्थान केवल आपदा या ठंड के मौसम में ही नहीं, बल्कि वर्ष भर सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में सक्रिय रहता है। संस्थान रक्तदान जागरूकता अभियान, निःशुल्क शिक्षण संस्थान और फ्री लीगल एड जैसी पहलों के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों को स्वास्थ्य, शिक्षा और न्याय तक पहुंच दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है। संस्थान ने यह भी घोषणा की कि आगामी दिनों में जमुई में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी ‘इंसानियत की दीवार’ स्थापित कर जरूरतमंदों के लिए वस्त्र व अन्य उपयोगी सामग्री एकत्र की जाएगी।
इस मानवीय कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्थान से जुड़े जैकी कुमार, प्रताप नारायण सिंह, हरेराम सिंह, सरोज कुमार, संतोष पांडे, प्रदीप पांडे, मिथलेश राम, कौशल कुमार, अंशुमान सिंह, रौशन सिंह, रतन सिंह, रोहित कुमार सहित अन्य सहयोगियों की सक्रिय भूमिका रही। स्थानीय लोगों और लाभार्थियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज में करुणा, सहयोग और इंसानियत को मजबूत करने वाला कदम बताया।
कुल मिलाकर, प्रबोध जन सेवा संस्थान का यह प्रयास न केवल ठंड से राहत देने तक सीमित रहा, बल्कि इसने यह भी साबित किया कि जब सेवा भावना सच्ची हो, तो शीतलहर में भी मानवता की गर्माहट महसूस की जा सकती है।






