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शनिवार, 27 दिसंबर 2025

जमुई स्टेशन पर भटके तीन नाबालिगों को जीआरपी पुलिस ने परिजनों से मिलाया

जमुई/बिहार (Jamui/Bihar), 27 दिसंबर 2025, शनिवार : रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी आवाजाही के बीच रेल जीआरपी जमुई पुलिस की सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता एक बार फिर सामने आई, जब भटके हुए तीन नाबालिग बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों से मिलाया गया। पुलिस की तत्पर कार्रवाई से न केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि परिजनों की चिंता भी समाप्त हुई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जमुई रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर तीन नाबालिग बच्चे भटकते हुए पाए गए। ड्यूटी पर तैनात महिला सिपाही रीता देवी की नजर जब इन बच्चों पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बच्चों को अपने संरक्षण में लिया। पूछताछ के दौरान बच्चों ने अपना नाम गौरव कुमार, मणिकांत और बाबू साहब बताया। सभी बच्चे लखीसराय जिले के सूरजगढ़ा थाना क्षेत्र के निवासी हैं।

बच्चों ने पुलिस को बताया कि वे कजरा से लखीसराय तक ट्रेन से गए थे, लेकिन लखीसराय स्टेशन पर गलती से जमुई जाने वाली ट्रेन में चढ़ गए। इसी भूल के कारण वे भटकते हुए जमुई स्टेशन पहुंच गए। बच्चों के नाबालिग होने और कड़ाके की ठंड को देखते हुए जीआरपी पुलिस ने उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं।
इस संबंध में मणिकांत के नाना संजीत कुमार ने बताया कि जब बच्चे घर से निकले थे और काफी देर तक वापस नहीं लौटे, तो परिजन अत्यंत चिंतित हो गए। इसी बीच मणिकांत ने किसी तरह एक मोबाइल नंबर के माध्यम से परिजनों को सूचना दी कि वे जमुई स्टेशन पहुंच गए हैं। इसके बाद जमुई जीआरपी पुलिस ने परिजनों से संपर्क कर बच्चों के सुरक्षित होने की जानकारी दी।

सूचना मिलते ही परिजन जमुई पहुंचे, जहां पहचान सुनिश्चित करने के बाद जीआरपी पुलिस ने तीनों बच्चों को सकुशल उनके परिजनों को सौंप दिया। बच्चों को सुरक्षित देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली और जमुई जीआरपी पुलिस, विशेषकर महिला सिपाही रीता देवी के प्रति आभार प्रकट किया। परिजनों ने बताया कि ठंड के बावजूद पुलिस ने बच्चों का पूरा ख्याल रखा और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी।

जीआरपी थाना अध्यक्ष मनोज कुमार देव ने बताया कि महिला सिपाही रीता देवी की सजगता और मानवीय पहल के कारण यह कार्य सफल हो सका। उन्होंने कहा कि पहचान सुनिश्चित करने के बाद सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए बच्चों को परिजनों के हवाले कर दिया गया। साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी कोई बच्चा भटका हुआ या असहाय स्थिति में दिखाई दे, तो तुरंत नजदीकी पुलिस को सूचना दें या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर संपर्क करें, ताकि समय रहते उसकी सहायता की जा सके।

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