जमुई/बिहार (Jamui/Bihar), 29 दिसंबर 2025, सोमवार : जसीडीह-झाझा रेलखंड पर हुई मालगाड़ी के डिरेलमेंट का असर सोमवार को भी साफ तौर पर देखने को मिला। पटना–हावड़ा रेल रूट पर ट्रेनों की आवाजाही लगातार दूसरे दिन भी प्रभावित रही, जिससे बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, दिल्ली और पश्चिम बंगाल की ओर यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रेलवे प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार सोमवार को भी 17 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया, जबकि 13 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।
बताया जाता है कि यह हादसा शनिवार की रात करीब 11:10 बजे जसीडीह-झाझा रेलखंड पर उस समय हुआ, जब सीमेंट लदी एक मालगाड़ी पटरी में आई दरार के कारण डिरेल हो गई। आसनसोल की ओर से झाझा जा रही अपलाइन में चल रही इस मालगाड़ी के कुल 19 डिब्बे पटरी से उतर गए। इनमें से 10 डिब्बे रेलवे ब्रिज पर ही पलट गए, जबकि 9 डिब्बे नीचे बरुआ नदी में जा गिरे। यह मालगाड़ी पश्चिम बंगाल से सीतामढ़ी की ओर जा रही थी।
हादसे के संबंध में मालगाड़ी के गार्ड मुकेश कुमार पासवान और लोको पायलट कमलेश कुमार तृतीय ने बताया कि जैसे ही ट्रेन पुल पर चढ़ी, पीछे की ओर से अचानक तेज आवाज सुनाई दी। इसके कुछ ही सेकेंड के भीतर एक-एक कर कई डिब्बे पटरी से उतरने लगे, जिससे ट्रेन को तत्काल रोकना पड़ा। सौभाग्य से इस हादसे में किसी प्रकार की जानमाल की क्षति नहीं हुई, लेकिन रेल यातायात को भारी नुकसान पहुंचा है।
इस दुर्घटना के कारण पटना से हावड़ा जाने वाला प्रमुख रेल रूट करीब 40 घंटे से अधिक समय से प्रभावित है। ट्रैक पर डिरेल डिब्बों को हटाने, क्षतिग्रस्त रेलवे ब्रिज और पटरी की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। भारी क्रेनों की मदद से नदी में गिरे डिब्बों को निकालने का प्रयास जारी है, जिससे बहाली कार्य में समय लग रहा है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार मरम्मत कार्य पूरा होने में अभी और समय लग सकता है। संभावना जताई जा रही है कि सोमवार की शाम तक रेल लाइन पूरी तरह बहाल नहीं हो पाएगी। इस कारण ट्रेनों के परिचालन पर आंशिक या पूर्ण प्रतिबंध बना रह सकता है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।
इस हादसे ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक की सुरक्षा और समय-समय पर निरीक्षण की आवश्यकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं यात्री जल्द से जल्द रेल सेवा सामान्य होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।








