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बुधवार, 9 अप्रैल 2025

बिहार के सरकारी स्कूलों में अब पहली कक्षा में नामांकन के लिए आधार कार्ड जरूरी नहीं

गिद्धौर/जमुई (Gidhaur/Jamui), 9 अप्रैल 2025, बुधवार : बिहार के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा को सभी बच्चों तक पहुँचाने और नामांकन दर को बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा "प्रवेश उत्सव अभियान" चलाया जा रहा है। यह अभियान 15 अप्रैल तक पूरे प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में जारी रहेगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन बच्चों को स्कूल से जोड़ना है, जो अब तक किसी कारणवश शिक्षा की मुख्यधारा से दूर रह गए हैं।

इस अभियान के दौरान आंगनबाड़ी सेविकाएं और जीविका समूह की दीदियां सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। वे गांव-गांव, टोला-टोला जाकर घर-घर बच्चों की पहचान कर रही हैं, ताकि कोई भी बच्चा नामांकन से वंचित न रहे। इस पहल से विशेषकर उन परिवारों को लाभ मिलेगा, जो अभी तक किसी कारणवश बच्चों का नामांकन नहीं करवा पाए थे।

नामांकन के बाद बच्चों को स्कूल ड्रेस (पोशाक) और फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमरैसी (एफएलएन) किट भी उपलब्ध कराई जा रही है। यह पहल बच्चों को विद्यालय आने के लिए प्रेरित करेगी और शिक्षा के प्रति उनमें रुचि विकसित करेगी।

अब तक सामान्य रूप से पहली कक्षा में नामांकन के लिए आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज अनिवार्य माने जाते थे। किंतु नामांकन पखवाड़ा के विशेष अवसर पर इन दस्तावेजों की अनिवार्यता को अस्थायी रूप से समाप्त कर दिया गया है। अब जिन बच्चों के पास आधार या जन्म प्रमाण पत्र नहीं है, उनका भी नामांकन किया जा रहा है।
ऐसे मामलों में बच्चों का नामांकन फिलहाल 'औपबंधिक' रूप में किया जा रहा है। जिन बच्चों के पास आधार नहीं है, उनके नामांकन के लिए अभिभावक के आधार कार्ड का उपयोग किया जा रहा है। इसके पश्चात, विद्यालय प्रशासन की सहायता से बच्चों के आधार और जन्म प्रमाण पत्र बनवाकर उन्हें विद्यालय में जमा कराना अनिवार्य होगा।

इस पूरी प्रक्रिया में प्रधानाध्यापक और विद्यालय के शिक्षक भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे आवश्यक दस्तावेजों को बनवाने में अभिभावकों की मदद कर रहे हैं, ताकि बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बताया गया है कि पिछले तीन दिनों में जिले के अनेक स्कूलों में दर्जनों बच्चों का नामांकन सफलतापूर्वक किया जा चुका है।

इस पहल से यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार शिक्षा को लेकर गंभीर है और प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, ताकि "शिक्षा सबके लिए" का लक्ष्य साकार हो सके।


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