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गिद्धौर : मनरेगा योजना में मची है लूट! आहर के बांध पर बिना वृक्ष के प्रत्येक माह की जा रही पैसे की निकासी

गिद्धौर/जमुई (Gidhaur/Jamui), 5 मई 2024, रविवार : प्रखंड के पतसंडा पंचायत में मनरेगा की क्रियान्वित योजनाओं में लूट की होड़ मची हुई है। इसमें प्रखंड के पदाधिकारी से लेकर पंचायत के जनप्रतिनिधि, यहां तक की रोजगार सेवक की मिली भगत से राशि का बंदरबाँट किया जा रहा है। ताजा मामला पतसंडा पंचायत का है, जहां चीनीकौर आहर के बांध पर वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत वृक्ष लगाया गया था। लेकिन आहर पर एक भी वृक्ष नहीं है और प्रत्येक माह पैसे की निकासी भी की जा रही है। यही वजह है कि क्रियान्वित योजनाओं में योजनास्थल पर बोर्ड नहीं लगाया जा रहा है। 
बोर्ड नहीं लगने पर प्राक्कलन में आसानी से चोरी की जा सकती है। जबकि सरकार का स्पष्ट आदेश है कि किसी भी योजना के कार्यस्थल पर सूचना बोर्ड जरूर लगाएं। उस बोर्ड में योजना का नाम, योजना की प्राक्कलित राशि, संवेदक का नाम आदि का जिक्र अनिवार्य रूप से रहना चाहिए।
जानकारी के अनुसार गिद्धौर प्रखंड में 20 से अधिक गांव में महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना मनरेगा के तहत योजनाएं हो रही है। यहां पैन सफाई, तालाब खुदाई, वृक्षारोपण एवं मिट्टी भराई के कार्य के अलावे सौ से अधिक योजनाओं का संचालन हो रहा है। बता दें कि कार्यस्थल पर योजना का बोर्ड नहीं लगाए जाने से सरकारी राशि की लूट करने की आजादी है। ऐसे में आम लोगों को योजना और प्राक्कलन की जानकारी नहीं मिल पाती है।
पंचायत से लेकर प्रखंड तक के विभागीय कर्मी एवं पदाधिकारी की मेल से सरकारी राशि की लूट का जरिया बना लिया गया है। ऐसे में ग्रामीण मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए केंद्र प्रायोजित मनरेगा योजना मजदूरों को घर पर ही काम उपलब्ध कराने और चेहरे पर खुशहाली लाने के बजाय लूट-खसोट का जरिया बनकर रह गया। यह योजना मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, मनरेगा पीओ, प्राक्कलन पदाधिकारी सहित अन्य के लिए कामधेनु बनकर रह गया है।

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