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बिहार में लोक शिकायत की सुनवाई में जमुई जिला अव्वल

जमुई (Jamui), 15 सितंबर :सामान्य प्रशासन विभाग की प्रशासनिक सुधार मिशन सोसायटी ने राज्यभर में लोक शिकायतों के निपटारे के आधार पर जिलों की रैंकिंग जारी की है। अगस्त माह की जारी रैंकिंग में तमाम जिलों को पछाड़ कर जमुई ने सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। सौ प्रतिशत शिकायतों का निपटारा कर जमुई जिला ने नया इतिहास रच दिया है। रैंकिंग के लिए प्राप्तांक 30 निर्धारित है। जमुई जिला ने इस बार पूरे 30 अंक लाकार उपलब्धियों का पताका आसमान में लहरा दिया है।

जिला कलेक्टर अवनीश कुमार सिंह ने इस आशय की जानकारी देते हुए कहा कि बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी ने सूची जारी कर जमुई जिला में नियत समय में प्राप्त आवेदनों का शत - प्रतिशत  निस्तारण किए जाने का ऐलान किया है। वहीं अनुमंडल लोक शिकायत निवारण कार्यालय और जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में निष्पादित मामलों में लोक प्राधिकारों की उपस्थिति का 99.88 प्रतिशत रहने की जानकारी दी है।

उन्होंने आगे कहा कि नियत समय - सीमा में निष्पादित मामलों के लिए निर्धारित कुल 30 अंक में इस बार जमुई जिला को पूरे 30 अंक मिले हैं वहीं लोक प्राधिकारों की उपस्थिति के लिए इस जिले को तय कुल 10 अंक में से 09.99 अंक हासिल हुआ है।

डीएम ने इसे अचंभित करने वाला कीर्तिमान बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि जिला प्रशासन के साथ जिलावासियों के लिए गर्व की बात है। उन्होंने सभी सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन में जमुई जिला को तीन बार प्रथम स्थान हासिल हुआ है , उसे हर हाल में आगे भी बरकरार रखना है।

उन्होंने इसके लिए ससमय उपस्थिति दर्ज कर परिवादों का निस्तारण किए जाने का संदेश दिया। उन्होंने इस सुखद और स्नेहिल उपलब्धि के लिए तमाम अधिकारियों को अशेष, अनंत, अमूल्य, अमिट और असंख्य बधाई दी है।

उधर बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन में राज्य के सभी जिलों में जमुई के अव्वल आने पर प्रशासनिक महकमें में उल्लास और उमंग देखा जा रहा है। प्रबुद्धजन, आम जनता एवं विभागीय अधिकारी इस बड़ी उपलब्धि के लिए जिला कलेक्टर अवनीश कुमार सिंह की जमकर तारीफ कर रहे हैं। सबों का मानना है कि डीएम श्री सिंह के कुशल नेतृत्व में जमुई जिला हर क्षेत्र में तरक्की की राह पर तेजी से अग्रसर है। यह उपलब्धि भी उनकी ही सजगता और जागरूकता का द्योतक है।

सर्वविदित है राज्य की जनता को नियत समय - सीमा के भीतर उनकी शिकायतों के निवारण किए जाने के लिए बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम 06 जून 2016 को पूरे बिहार में लागू किया गया। इस अधिनियम के अंतर्गत कोई भी पीड़ित व्यक्ति बिहार सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों से सम्बंधित आवेदन अनुमंडल , जिला एवं राज्य स्तर पर दे सकता है। आवेदन निःशुल्क रखा गया है।

इस अधिनियम के अंतर्गत शिकायत की सुनवाई और निस्तारण अधिकतम 60 दिनों के भीतर किया जाना है। सुनवाई में तेजी बरतने के लिए अनुमंडल , जिला और राज्य स्तर पर अलग - अलग कार्यालय खोलकर वहां अलग - अलग पदाधिकारी की नियुक्ति की गई है। निर्णय से असंतुष्ट होने पर परिवादी को लोक प्राधिकार में अपील करने का अधिकार दिया गया है।

बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम से जहां जनता को कई मामलों में सहूलियत हो रही है वहीं प्रशासन में भी और अधिक पारदर्शिता झलकने लगी है। जनता अपनी समस्याओं को लेकर अनुमंडल , जिला एवं राज्य स्तर पर गठित कार्यालय का रुख कर रहे हैं और कठिनाइयों से निजात पा रहे हैं।