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राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने पीपीई किट में पहुंचे झाझा विधायक दामोदर रावत

पटना (Patna), 18 जुलाई 
◆ रिपोर्ट : सुशांत साईं सुन्दरम
राष्ट्रपति चुनाव के लिए बिहार में वोटिंग के दौरान अजब-गजब रंग देखने को मिला। यहां एक विधायक ने पीपीई किट में वोट डाला। राष्ट्रपति चुनाव के लिए शाम 5 बजे तक वोट डाले गए। सबसे लास्ट में कोरोना संक्रमित विधायक दामोदर रावत वोट डालने पहुंचे।

बता दें कि झाझा विधानसभा से वर्तमान विधायक व बिहार सरकार के पूर्व मंत्री दामोदर रावत कोरोना संक्रमण के चपेट में आ गए हैं। शनिवार को उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी दी। नियमतः उन्होंने खुद को क्वारंटाइन कर लिया है।

लोकतंत्र में एक-एक वोट की कितनी महत्ता है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कोरोना संक्रमित होने के बाद भी झाझा विधायक दामोदर रावत पीपीई किट में वोट डालने पहुंचे।
 
एक विधायक का वोट वैल्यू 173 है
राष्ट्रपति चुनाव के मद्देनजर बिहार में वोट की बात करें तो विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के मुकाबले एनडीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू को दोगुना से भी अधिक वोट मिलना तय है। राष्ट्रपति चुनाव में बिहार में 243 विधायक हैं और एक विधायक का वोट वैल्यू 173 है।

इस हिसाब से देखें तो 242 विधायकों का वोट वैल्यू 41866 है। वहीं राज्यसभा और लोकसभा के एक सांसद का वोट वैल्यू 700 है। बिहार में राज्यसभा और लोकसभा मिलाकर कुल 56 सांसद हैं। उसके हिसाब से कुल वोट वैल्यू 39200 है। लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा तीनों मिलाकर बिहार में राष्ट्रपति चुनाव के लिए कुल वोट 81057 हैं।

एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को बिहार से मिलेगा लीड
JDU, BJP, HAM और RLJP का वोट मिला कर कुल वोट 55225 है। हाल में ही राजद के अनंत सिंह की विधायकी चली गई है। वहीं महागठबंधन का कुल वोट यदि AIMIM के एक विधायकों को भी जोड़ दें तो 24968 हो जाता है। ऐसे में NDA की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू की स्थिति मजबूत दिख रही है।

राष्ट्रपति चुनाव के लिए इस बार अलग-अलग रंग के मतपत्रों की व्यवस्था की गई है। विधायकों के लिए गुलाबी रंग का मतपत्र होगा तो वही सांसदों के लिए हरे रंग का प्रयोग किया गया है।

आज राष्ट्रपति चुनाव के मतदान के बाद बैलट बॉक्स को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में बिहार विधानसभा परिसर से सीधे एयरपोर्ट भेजा जाएगा। पटना एयरपोर्ट से कडी सुरक्षा में मत पेटी को दिल्ली भेज दिया जाएगा। जहां सभी राज्यों के मत पेटी को इकठ्ठा किया जाएगा। 21 जुलाई को दिल्ली में वोटों की गिनती की जाएगी। उसी दिन परिणाम की घोषणा कर दी जाएगी।