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झाझा : धमना काली मंदिर में वार्षिक सलौनी पूजा की संध्या आरती में उमड़ रही भीड़



धमना/झाझा (Dhamna/Jhajha), 10 जून :

रिपोर्ट : अभिलाष कुमार



जमुई जिलान्तर्गत झाझा प्रखंड के धमना गांव अवस्थित ऐतिहासिक माँ दक्षिणेश्वर काली मंदिर में वार्षिक सलौनी पूजा 6 जून को कलश स्थापना के साथ शुरू हो गई। यह लगातार नौ दिनों तक विधिवत रूप से जारी रहेगी। इसका समापन 14 जून मंगलवार को होगा।


पूजन कार्य मंदिर के पुजारी आचार्य श्री जयनारायण पाण्डेय जी के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ किया जा रहा है।


संध्या आरती में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। शुक्रवार को भी संध्या आरती में महिलाओं ने दीपक जलाकर माँ की आराधना की। इस मौके पर स्थानीय लोगों की बड़ी संख्या में भीड़ रही।



इस पूजा की शुरुआत सन 1684 ई. में हुई थी जो तब से अनवरत चली आ रही है। इस मंदिर की स्थापना महाराजा कुँवर वैद्यनाथ सिंह ने की थी। यहां की वार्षिक सलौनी पूजा उसी परम्परागत रीति-रीवाज के अनुसार आज तक होती आ रही है।


यहां की महत्ता है कि माँ काली की आराधना जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से करते हैं उन्हें संतान प्राप्ति होती है। पूजा के विशेष आस्था पर अगर  नजर डालें तो लोगों का कहना है कि कलश स्थापना के दिन से ही इस गाँव के निवासियों द्वारा लहसुन, प्याज, माँस-मदिरा का सेवन नहीं किया जाती है। यहां जो भी श्रद्धालु सच्चे दिल से मन्नत माँगते हैं उनकी मनोकामनाएं माँ काली अवश्य पूरी करती हैं।