Breaking News

सेवा : आपसी विवाद में विद्यालय में घुसकर 3 लड़कों ने की मारपीट, छात्र का फोड़ा सर

सेवा/गिद्धौर (Sewa/Gidhaur), 18 मई
◆ रिपोर्ट : विक्की कुमार : 
गिद्धौर प्रखंड के सेवा गांव में आपसी विवाद में हुई मारपीट में 3 लोगों ने मिलकर 14 वर्षीय छात्र का सर फोड़ दिया। घटना मंगलवार की है। पीड़ित छात्र सेवा निवासी प्रमोद साव का पुत्र पुष्पांकर कुमार है।

इस बारे में पीड़ित छात्र ने गिद्धौर थाना में आवेदन दिया है। छात्र ने आवेदन में लिखा है कि -
मैं मध्य विद्यालय सेवा के अष्टम वर्ग में पढ़ता हूँ। मंगलवार को दिन के 9:30 बजे के लगभग विद्यालय के खिड़की से प्रवेश कर सेवा निवासी सतीश रावत के तीनों पुत्र सुधांशु कुमार, अंकित कुमार एवं रितिक कुमार द्वारा मारपीट की गई। जिसमें सुधांशु कुमार ने मेरा गला दबाया और रितिक कुमार एवं अंकित कुमार तीनों भाई द्वारा मिलकर रड से मारकर सर फोड़ दिया। जिस वजह से मैं खून से लथपथ हो गया। शिक्षक के आने के बाद भी जमीन पर गिराकर मुझे मार ही रहा था।

पीड़ित छात्र ने आवेदन में लिखा है कि घटना के बाद विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने साक्ष्य मिटाने के लिए रसोइया एवं बच्चों द्वारा खून से लथपथ कमीज एवं मेरा माथा, गला, हाथ, मुँह धो दिया गया। उसके बाद प्रधानाध्यापक प्रकाश रजक द्वारा मेरे परिवार को सूचना दिया गया। परिवार वालों के द्वारा दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया। 

साथ ही छात्र ने आवेदन में लिखा है कि विद्यालय परिसर में ही सेवा निवासी रेणु देवी एवं इनके पति सत्येन्द्र रावत पिता - सुकदेव मंडल ने विद्यालय परिसर में उपस्थित होकर मेरे परिवार एवं सदस्य को जान से मारने की धमकी दी। अतः श्रीमान से अनुरोध है कि पिछली घटना एवं वर्तमान घटना से हम सब परिवार को भयमुक्त करते हुए आवश्यक एवं वागेर कार्रवाई की जाय। इसके लिए श्री मान का सदा अभारी बना रहूँगा।

घायल छात्र का दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद सीएचओ डॉ. कुमारी ज्योति द्वारा उपचार किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सदर अस्पताल जमुई रेफर कर दिया गया।

इस बारे में पूछे जाने पर मध्य विद्यालय सेवा के प्रधानाध्यापक प्रकाश रजक ने कहा कि -
ऐसी बात नहीं है। हमारा स्कूल है। किसी तरह की कोई बात होगा तो उसको देखेंगे न हम कि उसको मिटवा दिए हम! ऐसा कोई बात नहीं है। लड़ाई-झगड़ा आपस में बच्चा-बुतरू किया है। ये बात हम... लेकिन हम साक्ष्य क्यों मिटाएंगे।