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साहित्यकार फणीश्वर नाथ रेणु शोषण एवं दमन के विरूद्ध आजीवन संघर्षरत रहे : दामोदर रावत

पटना (Patna), 4 मार्च : राजधानी पटना में अखिल भारतीय धानुक महासंघ द्वारा साहित्यकार फणीश्वर नाथ रेणु की 101वीं जयंती मनाई गई। 

उक्त अवसर पर पूर्व मंत्री एवं झाझा विधायक दामोदर रावत ने कहा कि फणीश्वर नाथ रेणु आधुनिक हिन्दी साहित्य के श्रेष्ठ एवं प्रभावशाली लेखकों में से एक थे। वे आजीवन शोषण एवं दमन के विरूद्ध संघर्षरत रहे। 1942 के भारत छोड़ो आन्दोलन में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई। उनके द्वारा रचित उपन्यास मैला आंचल को बैलगाड़ी के उस जमाने में जितनी ख्याति मिली, वह आज के इस डिजीटल युग में भी किसी को मिलनी दुर्लभ है।

श्री रावत ने कहा कि फणीश्वर नाथ रेणु का जीवन एवं साहित्य युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।

राजधानी पटना के छोटी पहाड़ी स्थित देवी स्थान के प्रांगण में आयोजित इस जयंती उत्सव में विधान पार्षद संजय पासवान एवं सुल्तानगंज के विधायक ललित मंडल भी मौजूद थे। उन्होंने भी फणीश्वर नाथ रेणु के व्यक्तित्व, कृतित्व एवं प्रासंगिकता पर अपने-अपने विचार रखे।

विदित हो कि फणीश्वर नाथ रेणु का जन्म 4 मार्च 1921 को बिहार के अररिया जिले में फॉरबिसगंज के पास औराही हिंगना नामक गांव में हुआ था। उनके उपन्यास मैला आंचल के लिए उन्हें पद्म श्री पुरस्कार से नवाजा गया था।