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बिहार एमएलसी चुनाव में सपना सिंह पर दांव लगाने की तैयारी में एनडीए

 


जमुई (Jamui), 2 फरवरी। स्थानीय निकाय की लखीसराय, शेखपुरा, मुंगेर और जमुई की संयुक्त विधान परिषद की सीट एनडीए घटक के जदयू के हिस्से में आई है। इस सीट से बिहार सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री सुमित कुमार सिंह की धर्मपत्नी सपना सिंह सशक्त प्रत्याशी के तौर पर पिछले कई महीने से सक्रिय है। नव निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों का हुजूम भी सपना सिंह के पक्ष में गोलबंद नजर आ रहा है।


ऐसे में यहां जदयू में पेच फस गई है एनडीए का एक बड़ा तबका निवर्तमान विधान पार्षद संजय प्रसाद की जगह सपना सिंह को ही टिकट दिए जाने के पक्ष में है। दलील दी जा रहा है कि अगर संजय प्रसाद को टिकट दिया जाता है तब भी सपना सिंह चुनावी मैदान में उतरेंगी और घाटा एनडीए को होगा। खबर पक्की है कि अगर एनडीए सपना सिंह को उम्मीदवार नहीं भी बनाता है तब भी सपना से पूरे दमखम के साथ चुनाव लड़ेंगे।


हालांकि सूत्रों के अनुसार जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह भी सपना सिंह को ही उम्मीदवार बनाने के पक्ष में मूड बना चुके है। वे जानते हैं कि अगर संजय प्रसाद को उम्मीदवार बनाते हैं तो उनके संसदीय क्षेत्र में भी जातीय समीकरण दरक जाएगा और घाटा फिलहाल तो एनडीए को और भविष्य में उनको ही होगा। सपना सिंह की चर्चा से संजय प्रसाद का खेमा भी मायूस नजर आ रहा है उसके लिए आगे कुआं पीछे खाई वाली स्थिति हो गई है।


सपना सिंह के विधान परिषद चुनाव के संदर्भ में उनका परिवार कुछ भी बोलने से बच रहा है। पर अंदर खाने की खबर है कि फुलप्रूफ तैयारी पहले ही कर ली गई है। सुमित कुमार सिंह बिहार के इकलौते निर्दलीय विधायक है जिनका टिकट संजय प्रसाद के कारण ही अंतिम वक्त में कट गया था बावजूद इसके वे चुनाव जीतने में सफल हुए चुनाव जीतने के बाद अल्पमत वाली नीतीश सरकार को उन्होंने समर्थन दिया। जिसके इनाम स्वरूप उन्हें राज्य सरकार में विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री बनाया गया है।


 मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गुड बुक में सुमित कुमार सिंह है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह, अशोक चौधरी समेत पार्टी के तमाम बड़े नेताओं की नजर में भी सुमित कुमार सिंह की राजनीतिक विरासत तथा पार्टी के प्रति निष्ठा ज्यादा है। संजय प्रसाद विधानसभा चुनाव के ठीक पहले राजद से पलायन कर जदयू में आए हैं इस कारण से जदयू के कार्यकर्ता भी उन्हें नहीं पचा पा रहे हैं। उनके समक्ष दुविधा यह है कि विधानसभा में तमाम विक्रम फिर आने के बावजूद वह मुख्य मुकाबले से ही आउट रहे। विधान परिषद के चुनाव में उनकी तैयारी से कई गुना ज्यादा फुल प्रुफ तैयारी मंत्री सुमित कुमार सिंह की धर्मपत्नी सपना सिंह की है।


विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि लखीसराय, शेखपुरा, मुंगेर और जमुई के नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों ने एकतरफा सपना सिंह के पक्ष में गोलबंदी प्रारंभ कर ली है। एनडीए के द्वारा कराए गए इंटरनल सर्वे में भी सपना सिंह का पलड़ा कई गुना भारी बताया जा रहा है।