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जमुई : यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य को लेकर किशोर-किशोरियों के साथ जिला स्तरीय परिचर्चा आयोजित

 


जमुई (Jamui), 25 फरवरी | डब्लू पंडित : जमुई के बसंत बहार होटल (Basant Bahar Hotel) के संगीता हॉल में शुक्रवार को स्वयंसेवी संस्था परिवार विकास (NGO Parivar Vikas) द्वारा चाइल्ड फंड इंडिया (Child Fund India) के सहयोग से यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य (Sexual and Reproductive Health) को लेकर एक दिवसीय परिचर्चा का आयोजन किया गया। जिसमें जिले भर के दर्जन भर से भी अधिक किशोर-किशोरियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।


कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना से की गई। तत्पश्चात परिवार विकास चाइल्ड फंड इंडिया के सचिव भावानंद जी ने उपस्थित सभी किशोर-किशोरियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के युवा कल के भविष्य है। इसलिए आप सबों को शिक्षा के साथ प्रजनन तंत्र संक्रमण और प्रजनन के बारे में जानकारी होना अति आवश्यक है। आज के किशोर-किशोरी स्वस्थ होंगे तभी हमारा देश स्वस्थ होगा। किशोरावस्था में तेजी से शारीरिक एवं मानसिक बदलाव होता है इसलिए इस उम्र में शारीरिक विकास के लिए संतुलित आहार लेना आवश्यक है।



परिवार विकास के स्वास्थ्य समन्वयक उपेंद्र यादव ने बताया की शादी की उम्र लड़की के लिए 18 और लड़के के लिए 21 वर्ष देश मे कानूनी रूप से मान्य है। उन्होंने बताया कि गर्भधारण के बाद प्रसव पूर्व जांच आवश्यक होना चाहिए। जिससे जच्चा एवं बच्चा के स्वास्थ्य का पता चलता है। समय पर टिटनेस का टीका लेना आवश्यक है आंगनबाड़ी केंद्र पर गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण होता है। जिससे समय पर आशा एएनएम के द्वारा जांच और आवश्यक सलाह मिलते हैं। प्रसव पूर्व जांच में पेशाब जांच रक्त जांच प्रजनन जाँच, वजन जाँच किया जाता है। गर्भवती माता का पूरे गर्भावस्था में 9 से 12 किलो वजन बढ़ता है, तभी बच्चा स्वस्थ जन्म लेता है। जांच के समय संतुलित आहार एवं रहन-सहन का तरीका भी बताया जाता है।


वहीं परियोजना प्रबंधक राजेश जी ने हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि जिला स्तर पर कार्यक्रम करने का उद्देश्य कार्य क्षेत्र के सभी किशोर-किशोरियों का एक साथ स्वास्थ संबंधी जानकारी होना ताकि यौन रोग संक्रमण से भी बचा जा सके।


वहीं माधुरी कुमारी ने परिवार नियोजन के बारे मे विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन के तहत महिला बंध्याकरण एवं पुरुष नसबंदी की जाती है। महिला बंध्याकरण की अपेक्षा पुरुष नसबंदी काफी आसान है।



वहीं आनंदिता शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रजनन तंत्र संक्रमण का मुख्य कारण शौच के बाद प्रजनन अंगों की साफ-सफाई ठीक से नहीं होना है। असुरक्षित यौन संबंध इसलिए जोखिम भरा है क्योंकि एक महिला में गुदा मार्ग एवं प्रजनन मार्ग एक ही जगह पर पाया जाता है। शौच हमेशा शौचालय में जाने तथा प्रजनन अंगों की अच्छी तरह से सफाई करना आवश्य है। जिससे प्रजनन तंत्र के संक्रमण और बांझपन से बचा जा सके। वहीं संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाने से भी यौन रोग होता है। संबंध अपने साथी के साथ बनाना और बच्चे की आवश्यकता नहीं हो तो कंडोम का उपयोग करें। लड़कियों को विशेषकर अपने कपड़ों की साफ सफाई पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। मासिक के समय सेनेटरी पैड का उपयोग कब कितनी बार जरूरत के मुताबिक करना है इसकी जानकारी होनी जरूरी है।


बेबी कुमारी ने बताया कि मासिक धर्म 21 से 35 दिन के अंदर होता है तो इसका मतलब है कि आप स्वस्थ हैं। प्रजनन क्षमता का विकास हो गया है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। मासिक धर्म के समय दर्द होने पर एएनएम या प्रशिक्षित डॉक्टर से सलाह लें। किशोर को स्वप्नदोष होता है। इसमें भी घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि यह सब नेचुरल है। समय पर होना है और आप स्वस्थ हैं यह दर्शाता है। आंगनवाड़ी सेंटर पर होने वाले कार्यक्रम सेविका दीदी से टेबलेट और टिटनेस का टीका कितनी बार लेना है, इसकी उन्होंने विस्तृत जानकारी दी।


पंकज जी के द्वारा बताया गया की समय पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में किशोर किशोरियों के लिए परामर्श केंद्र है। आप वहां अपनी समस्या को रख सकते हैं परामर्शी के साथ-साथ इलाज होता है तथा गंभीर बीमारी रहने पर रेफर किया जाता है। आगे किशोर-किशोरियों को जागरूक करने के लिए स्कूल हेल्थ प्रोग्राम चलाने की सरकार की योजना है। सभी किशोर-किशोरियों को आज के प्रशिक्षण को जीवन में उतारने एवं गांव-गांव के किशोर किशोरियों को जागरूक करने की आवश्यकता है, जिससे कि सभी स्वस्थ रहे।


इस अवसर पर फरीद अंसारी, रानी सिंह, ध्रुव कुमार, रामबृक्ष महतो, काजल कुमारी, रानी कुमारी, राखी कुमारी के अलावे कई अन्य लोग व किशोर-किशोरी मौजूद थे।