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गिद्धौर : संध्या आरती में माता के जयकारे से गुंजायमान हो रहा दुर्गा मंदिर

गिद्धौर/जमुई (Gidhaur/Jamui) | सुशांत साईं सुन्दरम : कलश स्थापना एवं पूजन संकल्प के साथ शारदीय नवरात्र शुरू हो चुका है. इसके साथ ही गिद्धौर के उलाई नदी व नागी-नकटी के संगम तट पर अवस्थित अतिप्राचीन दुर्गा मंदिर में श्रद्धा, भक्ति, आस्था और आराधना का सैलाब उमड़ने लगा है. भक्तगण पूजा-पाठ में लगे हैं. हर तरफ अनुष्ठान का माहौल है. बड़ी संख्या में श्रद्धालु गण विधि-विधान पूर्वक नवरात्रि का व्रत रख रहे हैं.

(माँ दुर्गा की प्रतिमा को अंतिम रूप दे रहे मूर्तिकार राजकुमार रावत)

गिद्धौर के दुर्गा मंदिर में प्रतिमा निर्माण कार्य अंतिम चरण में है. मूर्तिकार राजकुमार रावत प्रतिमाओं के रंग रोगन के काम में लगे हैं. दुर्गा पूजा एवं दशहरा को लेकर गिद्धौर बाजार में भी चहल-पहल काफी बढ़ गई है. सुबह से लेकर देर शाम तक पूजन सामग्री एवं कपड़ों की जमकर खरीददारी की जा रही है.

(संध्या आरती में भक्तिमय हो रहा दुर्गा मंदिर का वातावरण)

शारदीय नवरात्र को लेकर वातावरण में भी श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना हुआ है. चंडी पाठ एवं दुर्गा सप्तशती के पाठ से सम्पूर्ण वातावरण गुंजायमान है. अहले सुबह से देर रात तक पूजा-पाठ, अनुष्ठान एवं भजन-कीर्तन से माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है.

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कोरोना संक्रमण के काल में तमाम बंदिशों के बावजूद भी दशहरा एवं दुर्गा पूजा के उत्साह पर फ़िलहाल कहीं कोई असर नही दिख रहा है.

(संध्या आरती में असंख्य संख्या में उपस्थित श्रद्धालु)

गिद्धौर के उलाई नदी व नागी-नकटी के संगम तट पर अवस्थित अतिप्राचीन दुर्गा मंदिर में नवरात्र के छठे पूजा तक प्रत्येक दिन संध्या आरती का विशेष आयोजन हो रहा है. इस मंदिर में वर्षों से संध्या आरती का विशेष महत्त्व और पहचान है. धूमधाम से संध्या आरती की परंपरा विगत कई वर्षों से चली आ रही है.

(संध्या आरती में भजनों की प्रस्तुति देते महंत गणेश राय)
दुर्गा मंदिर में होने वाली संध्या आरती में स्थानीय गायक व वादक महंत गणेश राय नियमित अपनी प्रस्तुति देते हैं. इस दौरान नाल पर विजय रजक, म्यूजिकल पैड पर चंदन कुमार एवं बैंजो पर पंचू विश्वकर्मा उनका साथ देते हैं. जबकि हारमोनियम वे स्वयं बजाते हैं.

(दुर्गा मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं की भारी भीड़)

महंत गणेश राय प्रतिदिन संध्या आरती की शुरुआत गणेश वंदना से करते हैं. इसके बाद देवी भजन, लोकगीत, एवं तर्ज पर आधारित एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देते हैं. जिसके बाद आरती होता है.

(संध्या आरती में शामिल महिलाएं)

संध्या आरती के बाद भक्त जन आरती लेते हैं एवं श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण होता है. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहाँ मौजूद होते हैं. माता के जयकारे से दुर्गा मंदिर का वातावरण गुंजायमान हो रहा है. बच्चे-बूढों के साथ असंख्य संख्या में महिलाएं व युवा संध्या आरती में सम्मिलित होते हैं.