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गिद्धौर : लिंक फेल और बीएसएनएल के उदासीन रवैये से डाकघर की हालत ख़राब

गिद्धौर/जमुई (Gidhaur/Jamui) | सुशांत साईं सुन्दरम : बीएसएनएल का पर्याय बन चुके 'भाई साहब नहीं लगेगा' इन दिनों गिद्धौर में चरितार्थ होता नजर आ रहा है. बता दें कि बीते गुरुवार 16 सितंबर की शाम 4 बजे से उप-डाकघर गिद्धौर में लिंक फेल है. ऐसे में गिद्धौर में डाक सुविधाओं की हालत जल बिन मछली वाली हो गई है. लिंक फेल रहने से न तो डाक आ रहा है और न ही जा पा रहा है.

डाकघर के कर्मियों से मिली जानकारी के अनुसार अक्सर ही लिंक फेल रहने के कारण कामकाज बाधित होते रहता है. गिद्धौर डाकघर में बीएसएनएल का इन्टरनेट इस्तेमाल होता है. लिंक फेल रहने के कारण डाक आने-जाने में असुविधा और देरी होती है.

लिंक फेल रहने के बारे में बीएसएनएल के गिद्धौर एक्सचेंज ऑफिस में बोला गया जिसके बाद ऑपरेटर द्वारा समस्या निवारण हेतु प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली. जिसके बाद गिद्धौर एक्सचेंज से जानकारी दी गई कि मुंगेर से समस्या है, वहीं से निदान होगा.

डाककर्मियों ने बताया कि लिंक फेल रहने के कारण भारी फजीहत का सामना करना पड़ता है. डाक विभाग के वेबसाइट पर ट्रैक करने के बाद जब दिखता है की उनका स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री या पार्सल किउल से निकल गया है तो लोग डाकघर में पूछताछ के लिए आ जाते हैं. यहाँ जब बताया जाता है कि लिंक आने पर उनका डाक मिलेगा तो काफी फजीहत होती हिया. यही हाल डाक भेजने वालों का भी रहता है.

वहीं शनिवार, 18 सितंबर को गिद्धौर उप-डाकघर निरिक्षण के लिए पहुंचे डाक निरीक्षक अजित कुमार से इस बाबत जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि विभागीय स्तर पर लिंक फेल होने की समस्या के निवारण हेतु अग्रेतर कार्रवाई के लिए कहा गया है. जल्द ही इस समस्या का निदान ढूँढा जायेगा.

डाक निरीक्षक अजित कुमार ने गिद्धौर डॉट कॉम के संवाददाता से सहमति जताते हुए कहा कि यह वाकई चिंता की बात है कि लिंक न रहने से उपभोक्ताओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. मेरे स्तर से हरसंभव प्रयास किया जा रहा है कि इसका स्थायी समाधान मिले. डाक विभाग सेवा भाव से लोगों की सहायता के लिए तत्पर है. किन्तु इन्टरनेट प्रदाता बीएसएनएल के उदासीन रवैये के कारण लिंक फेल रहने की समस्या आये दिन बनी रहती है.

ज्ञातव्य है कि उप-डाकघर गिद्धौर की पहचान ही लिंक फेल रहने से बन गई है. लिंक न रहने से डाकघर तक पहुंचे स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री, पार्सल आदि रिसीविंग न हो पाने की वजह से पेंडिंग में रखे रहते हैं. ऐसे में विलम्ब हो जाने से महत्वपूर्ण डाक समय से लेट डिलीवर होते हैं. कई कॉल लेटर्स, जोइनिंग लेटर्स आदि तारीख पार हो जाने के बाद अभ्यर्थियों को मिलते हैं.जिसका बाद में कोई उपयोग नहीं हो पाता.