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गिद्धौर : निचली सेवा में ग्रामीण चिकित्सक को बेरहमी से पीटा, हो गई मौत, तफ़्तीश में जुटी पुलिस

 

न्यूज़ डेस्क |अभिषेक कुमार झा】 :-

गिद्धौर थानां क्षेत्र के सेवा गांव में तथाकथित तौर पर एक ग्रामीण चिकित्सक को बेरहमी से लाठी-रड पीटकर मार दिया गया। स्थानीय ग्रामीणों से संकलित जानकारी के मुताबिक, सेवा पंडित टोला निवासी नुनूलाल पंडित के ज्येष्ठ पुत्र मनोज पण्डित निचली सेवा के रविदास टोला में अपना निजी क्लिनिक का संचालन करता था । लगभग 35-40 वर्षीय मनोज रोज के तरह सोमवार की देर सन्ध्या भी अपने क्लिनिक पहुंचे तो अचानक स्थानीय निवासी गौतम रविदास, किशुन रविदास, प्रकाश रविदास,नागो रविदास, सूरज रविदास, समेत 10-12 की संख्या में लोग मनोज को दबोच कर क्लिनिक से बाहर ले आये और बर्बरतापूर्ण लाठी- ठंडे बरसाए। 

गिद्धौर पीएचसी में मृतक व परिजन। ◆ gidhaur.com

बताया जाता है कि रविदास समुदाय वर्ग के लोगों के आक्रोश का पारा इतना गर्म था कि कोई भी ग्रामीण इस घटना के बीच हस्तक्षेप कर बचाने की जहमत नहीं उठा सके। मनोज पर लागातार प्रहार से उनके शरीर के विभिन्न हिस्सों में अंदरूनी चोटें आई, जिससे तत्क्षण मनोज के होश फ़ाख्ता हो गए। इसके बाद भी आक्रोशित गुट का प्रहार जारी था। इसी दौरान ग्रामीणों द्वारा मनोज के परिजन को घटना की जानकारी दी गई , जिसके बाद उनके परिजन घटनास्थल पर पहुंचे, तब तक वे लोग नौ दो ग्यारह हो गए थे। घटनास्थल पर बेसुध पड़े मनोज की शारीरिक गतिविधियां शिथिल दिखते ही परिजन उसे मोटरसाइकिल पर लाद तुरंत गिद्धौर पीएचसी लाये, जहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने उसे मृत घोषित कर दिया। इधर, सामाचार संकलन तक शव का पोस्टमार्टम नहीं किया गया था, जबकि स्थानीय पुलिस मामले की तफ़्तीश में भीड़ गई है।

-[ क्या है इनसाइड स्टोरी ] -

मृतक मनोज पंडित के साथ हुए इस अमानवीय सलूख को और इस पूरे घटनाक्रम को लोग प्रेम प्रसंग से जोड़कर देख रहे हैं। यूं तो मनोज पंडित विवाहित थे और दो संतानो के पिता भी, पर ग्रामीणों का कहना है कि कभी चिकित्सकीय कार्यों के दौरान रविदास समुदाय के किसी महिला के साथ मृतक मनोज की नजदीकियां बढ़ी। मृतक के भाई विश्वेन्द्र कुमार ने भी ग्रामीणों के इस कथन की तस्दीक की है। बताया यह भी जाता है कि मृतक मनोज पण्डित का उस महिला के घर आना जाना भी लगा रहता था। इसी दौरान तथाकथित तौर पर इन दोनों का साथ मे एक फोटो वायरल होने लगा जिसके बाद से रविदास वर्ग से सम्बन्ध रखने वे महिला के पक्ष में उबाल आ गया । कई दिनों से अनहोनी के कयास लगाए जा रहे थे, मृतक मनोज के परिजन भी उसे सावधान करने की काफी जतन की, पर नतीज़ा सिफ़र रहा। सोमवार की देर सन्ध्या मौके का फायदा उठाकर उक्त समुदाय के लोगों ने सामूहिक रूप से मनोज पर ढाबा बोल दिया ।
 
गिद्धौर पीएचसी में जांच करती पुलिस।  ◆ gidhaur.com


- [ पुलिस चाहती तो शायद बच जाती मनोज की जान ] -

अब इसे विडंबना कहिये या सिस्टम का झोल, जब मनोज पर बेरहमी से लाठियां बरसाई जा रही थी, तब गिद्धौर थाना को घटनाक्रम की टेलिफ़ोनिक जानकारी दी गई, पर गिद्धौर पुलिस ने गाड़ी न रहने का कारण बताकर स्वतः मामला सलट लेने की नसीहत दी। जबकि, पुलिस के थोड़ी सी सक्रियता और सूझबूझ से शायद मनोज की जान बचाई जा सकती थी, पर गिद्धौर पुलिस के पास संसाधनों की कमी ने मनोज पर सितम ढाने के लिए सितमगरों को औऱ अधिक समय दे दिया ।
इधर, घटना के बाद गिद्धौर एस एच ओ सहित दो ए एस आई के साथ निचलकी सेवा गांव पहुंचे थे , पर घटना में संलिप्त रविदास समुदाय के नामित लोग पुलिसिया आहट की भनक लगते ही आउट ऑफ रीच हो गए। हालांकि, गिद्धौर पुलिस घटना को लेकर संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्हें धर दबोचने का दम्भ भर रही है।