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विशेष रिपोर्ट : मांगोबंदर में लगा वैक्सीनेशन कैम्प, नहीं पहुंचे लोग

मांगोबंदर/खैरा/जमुई (Mangobandar/Khaira/Jamui) | विशेष रिपोर्ट - शुभम मिश्र, सह-संपादक, gidhaur.com : पूरे देश में कोरोना के खिलाफ़ निर्णायक जंग में वैक्सीनेशन (Vaccination) को सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है। बावजूद इसके जिले के खैरा प्रखंडान्तर्गत मांगोबंदर पंचायत के सुन्दरडीह, डानसिंडीह, गम्हरिया गांव के लोग कोरोना संक्रमण जैसे खतरे के प्रति जागरूक नहीं हो रहे हैं। इसी का नतीज़ा है कि गांव के अधिकतर लोग न मास्क लगा रहे हैं, ना ही शारीरिक दूरी का पालन हो रहा है।
वहीं बुधवार को यहां लगाये गये स्वास्थ्य शिविर में एक भी व्यक्ति टीका लेने के लिये नहीं पहुंचे। जबकि इसकी सूचना पूर्व में ही संबंधित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को भी दी गई थी। इस बाबत क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता द्रोपदी देवी ने बताया -
"मैं सूचना देने गई तो लोगों ने मुझे यह कह कर भेज दिया कि कोरोना वैक्सीन लेने के बाद लोग ज्यादा बीमार पड़ रहें हैं और सुनने में आया है कि मौत भी हो जा रही है।"
वहीं शिविर में आये हुए बी.एम.सी., यूनिसेफ डॉ. पवन ने बताया -
"इन दिनों स्वास्थ्य विभाग के द्वारा हरेक प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में 45 वर्ष से अधिक उम्र के वैक्सीनेशन के लिए जगह-जगह शिविर लगाये जाने के बावजूद भी, ग्रामीण क्षेत्रों में लोग जागरूकता नहीं दिखा रहे हैं, लोग अफवाहों एवं भ्रामक जानकारी के शिकार हो रहे हैं। जिस कारण वैक्सीनेशन का कार्य काफ़ी धीमा चल रहा है। वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है और विभागीय आदेश पर आशा, ए.एन.एम, आंगनवाड़ी सेविकाएं के द्वारा भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।"

वहीं देखा जाय तो अब ग्रामीण क्षेत्रों में ही कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या अधिक है। जबकि विदित है कि इसी पंचायत में कुछ दिन पहले करीब 3-4 व्यक्तियों की मौत कोरोना संक्रमण से हुई थी।
वहीं एस.एम.सी जमुई, अभिमन्यु कुमार ने बताया -
"प्रखंड के कई ग्रामीण क्षेत्रों की जगहों पर स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाने के लिए लोगों का इंतजार करना पड़ता है। जिस कारण ग्रामीण क्षेत्रों के वैक्सीनेशन सेंटर की स्थिति निःसंदेह विभाग के लिए सोंचनीय है। गांव के बुद्धिजीवियों को भी लोगों को जागरूक करने की पहल करने की आवश्यकता है।"

उक्त अवसर पर आर.बी.एस.के डॉ. आर. बी. निराला, डॉ. अखिलेश, डॉ. आजाद, सी.एच.ओ हुकुम सिंह, फार्मासिस्ट योगेन्द्र ठाकुर, ए.एन.एम. खुशबू कुमारी सहित कई बुद्धिजीवी मौजूद थे।