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गिद्धौर में पनाह ले रहे भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ फूटा ग्रामीणों का आक्रोश, किया धरना प्रदर्शन

 【 न्यूज़ डेस्क | अभिषेक कुमार झा 】 :-

गिद्धौऱ प्रखण्ड क्षेत्र के विभिन्न गांवों से दर्जनों की संख्या में आये ग्रामीणों ने शनिवार को प्रखंड मुख्यालय परिसर में पीएम आवास, समेत अन्य सरकारी योजना में व्याप्त अनियमितता के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। प्रखंड कार्यालय परिसर में विभागीय पदाधिकारियों के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन में भाग ले रहे मौरा, गंगरा, रतनपुर, पतसंडा एवं कोल्हुआ पंचायत के दर्जनों महिला एवं पुरुष ग्रामीणों ने प्रखंड क्षेत्र में चल रहे सरकारी योजनाओं में व्याप्त बिचौलियागिरी व अनियमितता पर विभागीय पदाधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 

धरना प्रदर्शन करते ग्रामीण | gidhaur.com

धरना प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे सुखदेव वैध, सामाजिक कार्यकर्ता कुणाल सिंह, आरटीआई कार्यकर्ता विमल मिश्रा, समाजसेवी सच्चिदानंद मिश्रा, युवा समाजसेवी अजीत कुमार झा एवं अन्तर्मयी झा ने संयुक्त रुप से अपनी आवाज़ बुलंद करते हुये कहा कि प्रखंड कार्यालय में काम कर रहे सरकारी महकमे के लोग ही सरकारी राशि की लूट करने में लगे हैं, जिसका सीधा असर आम ग्रामीण किसानों पर पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रशाशनिक शिथिलता के कारण गिद्धौऱ के अंचल कार्यालय एवं प्रखण्ड क्षेत्र में चल रहे प्रधानमंत्री आवास योजना अब धांधली का पर्याय बनता जा रहा है।

- आरोपों के घेरे में आये अंचल अधिकारी व राजस्व कर्मचारी -

प्रदर्शनकारियों ने राजस्व कर्मचारी पंकज सिंह व अंचल अधिकारी रीता कुमारी पर भी आरोप लगाया है। धरना प्रदर्शन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता कुणाल सिंह ने कहा कि अंचल कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी पंकज सिंह दाखिल खारिज करने में दस से पचास हजार एवं एलपीसी बनवाने में पांच से दस हजार रुपये की मांग कर आवेदकों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई दिन पूर्व कर्मचारी पंकज सिंह द्वारा घुस लिए जाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिससे सीओ रीता कुमारी की छवि भी दागदार हुई थी, बावजूद इसके ये लोग अब तक कार्रवाई के दायरे से बाहर हैं।

बीडीओ, सीओ व कर्मचारी के खिलाफ नारेबाजी करते प्रदर्शनकारी

 -  पीएम आवास योजना बना कामधेनु, सहायकों की चांदी -

बिचौलियागिरी से क्षुब्ध ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना कार्यालय में मौरा एवं सेवा पंचायत के आवास सहायक को दलाली का एजेंट बताते हुए खुले आम बीस-बीस हजार रुपये के राशि की उगाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने कहा कि अनपढ़ व गरीब ग्रामीणों को आवास का ख्वाब दिखाकर रुपये ऐंठना आम बात हो गई है। ठोस कार्रवाई न होने के कारण केंद्र सरकार की ये योजना बिचौलियों के लिए कामधेनु बना है।

धरना प्रदर्शन में ये लोग रहे शामिल : शनिवार को हुए धरना प्रदर्शन में भाग लेने वालो की फ़ेहरिस्त में ग्रामीण मुरारी प्रसाद सिंह, विजय मोदी, ललन झा, मुकुन राम, शंभु यादव, कृष्णनंदन झा, दासो यादव, उर्मिला देवी, कमली देवी, विमली देवी, सुमा देवी, मुकेश मांझी, मंटू मांझी, रिंकू देवी, सुखदेव रावत, बबिता देवी, ममता देवी, रजनी देवी, संजू देवी सहित दर्जनों महिला एवं पुरुष शामिल हैं।

राघवेन्द्र त्रिपाठी, बीडीओ, गिद्धौर

- राजनीति से प्रेरित था ये धरना प्रदर्शन : बीडीओ -

"विभिन्न मुद्दों को लेकर किया गया धरना प्रदर्शन राजनीति से प्रेरित है। मुद्दे को लेकर पूर्व में किसी ने भी हमसे बात नहीं की। प्रदर्शन कर रहे लोगों से ज्ञापन प्राप्त नहीं हुआ है। ग्रामीणों की मांग पर विचार किया जाएगा।"
         - राघवेन्द्र त्रिपाठी,
प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, गिद्धौर (जमुई) 

 एक वर्ष पूर्व भी फूंका गया था आंदोलन का विगुल, जेल जाने को भी तैयार  -

वहीं , धरना प्रदर्शन कर रहे दर्जनों की संख्या में ग्रामीण ने हाथों में तख्ती लेकर 'अंचलाधिकारी मुर्दाबाद', ' कर्मचारी पंकज सिंह हाय-हाय' सहित कई स्लोगन लिखकर पदाधिकारियों व उनके संरक्षण में पल रहे भ्रष्ट कर्मियों के कार्यशैली का विरोध जताया।

एक वर्ष पूर्व धरना प्रदर्शन की फाइल फोटो | gidhaur.com

यहां यह बता दें, गिद्धौऱ प्रखण्ड क्षेत्र में क्रियान्वित सरकारी योजनाओं के खिलाफ 24 जनवरी 2020 को जन संघर्ष मोर्चा के बैनर तले धरना प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल के नाम तत्कालीन बीडीओ गोपाल कृष्णन को ज्ञापन सौंपा था। इसके वर्ष बीतने के बाद भी स्थिति यथावत रहने से पुनः शनिवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूटा। वहीं, आंदोलनकारियों ने तल्ख स्वर में कहा कि गांधीवादी तरीके से आंदोलन करते हुए जेल भी जाना पड़े तो वो मंजूर है।