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जमुई सदर अस्पताल में किडनी रोगियों को मिलेगी मुफ्त डायलिसिस की सुविधा, जानिए क्या है योजना

न्यूज़ डेस्क | अभिषेक कुमार झा ] :-

भारत सरकार की योजना पीएम नेशनल डायलिसिस प्रोग्राम (Pradhan Mantri National Dailysis Program) का क्रियान्वयन किडनी रोगियों के लिए वरदान साबित हो रही है।  केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए राष्ट्रीय डायलिसिस प्रोग्राम का परिणाम अब सदर अस्पताल जमुई (Sadar Hospital Jamui) में भी फलभूत होता नजर आ रहा है। जमुई के सदर अस्पताल में लोक निजी साझेदारी (PPP ) मोड पर संचालित नेफ्रो-पलस डायलसिस सेन्टर (Nephro-plus Dailysis Center) किडनी रोगियों को यह सुविधा प्रदान कर रही है। कभी देवघर, पटना , लखीसराय आदि जगहों पर जाकर आर्थिक, मानसिक व शारीरिक दोहन के साथ डायलिसिस करवाने वाले रोगियों को अब डायलसिस का लाभ जमुई सदर अस्पताल में मुफ़्त ही उपलब्ध है। 

डायलसिस सेंटर में भर्ती मरीज


- मुफ़्त डायलिसिस ने रोगियों को किया तनावमुक्त -

केंद्र सरकार के उक्त योजना के तहत नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था ने रोगियों को मानसिक व आर्थिक रूप से तनावमुक्त कर दिया है, जिससे मरीज निश्चिन्त होकर अपना इलाज कराते हैं। आर्थिक तनाव से छुटकारा देने वाली केंद्र सरकार  (Central Government) की ये योजना अब किडनी मरीजों के किये संजीविनी का रूप ले चुकी है।  दरअसल, विभाग के विशेष सचिव सह कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने 7 दिसम्बर 2020 को जारी ज्ञापांक-6300 के माध्यम से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के क्रियान्वयन हेतु प्रक्रिया के सम्बंध में सीएस सहित विभागीय अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किया था, जिसके बाद जमुई स्थित सदर अस्पताल में संचालित नेफ्रो-प्लस डायलसीस सेन्टर में जिले के सदर, गिद्धौर, सोनो, खैरा आदि विभिन्न प्रखण्डों से फ़िलहाल 6 रोगियों को इस सरकारी योजना का लाभ मिल रहा है।

- सीमित संसाधनों में मिल रही बेहतर व्यवस्था -

लोक निजी साझेदारी (PPP) के तहत सदर अस्पताल जमुई में 21 सितम्बर 2020 से नेफ्रो केयर हेल्थ सर्विसेस (Nephro Care Health Services) कम्पनी संचालित होने के बाद जिले के किडनी मरीजों को काफी राहत मिली है। सेन्टर मैनेजर अविनाश कुमार ठाकुर ने बताया कि 5 सेट-अप बेड वाले इस केंद्र में अभी 12 मरीज डायलीसिस के लिए पंजीकृत हैं। केंद्र पर प्रतिनियुक्त किये गए टेक्नीशियन सुमित कुमार, जी एन एम प्रीति कुमारी व चतुर्थवर्गीय कर्मी राजकुमार मिलकर प्रति-माह 70-80 डायलिसिस सेशन की सुविधा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जो मरीज पीएचएच राशन कार्ड (PHH Ration Card) में नामांकित हैं, उन्हें उक्त योजना के तहत पंजीकृत मरीजों को मुफ्त डायलसिस प्रदान की जा रही है। वहीं, अन्य मरीजों के लिए सरकार और कम्पनी के द्वारा निर्धारित दर 1720 रुपये प्रत्येक डायलिसिस रखी गई है।

उपचार करते टेक्नीशियन व जीएनएम

- जिले में नहीं खल रही नेफ्रोलॉजिस्ट की कमी, हर माह मिलेगा निःशुल्क परामर्श -

जिले के विभिन्न जगहों से डायलसिस ले रहे मरीजों को समय अंतराल पर चिकित्सकीय परामर्श की आवश्यकता पड़ती है। चूंकि जिले में किडनी रोग विशेषज्ञ (Nephrologist) की संख्या शून्य है, ऐसे परिस्थितियों में प्रत्येक माह डायलिसिस मरीज के लिए निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श की व्यवस्था मुहैया कराई गई है। वर्तमान में बेगूसराय (Begusarai) से अपनी सेवा देने  आ रहे किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. रूपक कुमार (Dr. Rupak Kumar) ने बताया कि किडनी मरीजों को खून से यूरिया, सीरम क्रिटनिन आदि निकालने व खून की सफाई कराने को लेकर सप्ताह में 2 से 3 बार डायलिसिस कराना जरूरी होता है। इसके अलावे नियमित हेमेग्लोबिन, के.एफ.टी. व सीबीसी जांच की भी अनिवार्य हैं। 

  क्या है पीएम का डायलिसिस प्रोग्राम -

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (National Health Mission) के तहत साल 2016 में इस कार्यक्रम को शुरू किया गया। सत्र 2016-17 के बजट में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली (Finance Minister Arun Jeitely) ने इस कार्यक्रम की शुरुआत की थी।  केंद्र सरकार का यह कार्यक्रम सार्वजिनक और निजी साझेधारी (PPP) मोड में संचालित है। राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के तहत देशभर में ज्यादातर जिला अस्पतालों में किडनी रोगियों को डायलिसिस की सुविधा दी जा रही है, जिसमें जमुई भी शामिल है। इससे गरीब रोगियों को मुफ्त अथवा सबसिडी (Subsidy) आधार पर डायलिसिस की सुविधा सरकारी स्तर पर दी जा रही है।

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