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गिद्धौर में 700 हेक्टेयर तक ही हुई गेहूं बुआई, 1400 हेक्टेयर का है विभागीय लक्ष्य

न्यूज़ डेस्क | अभिषेक कुमार झा】 :-

धान की फसल के बाद अब रबी फसलों में मुख्य गेहूं की बुआई के लिए किसानों ने तैयारी शुरू कर दी है। यूं तो गेहूं की बुआई 15 नवंबर के बाद से ही शुरू हो जाती है, पर कोरोना काल में मजदूरों का आभाव धान की फसल प्रभावित कर चुका है। कृषि जानकारों की माने तो, गेहूं बुवाई के 135-140 दिनों में पकने के बाद अप्रैल - मई तक गेहूं की कटाई की जाएगी। बताया जाता है कि गेहूं फसल लगाने के लिए 15 दिसम्बर की तारीख आदर्श मौसम माना जाता था, पर गिद्धौर कृषि कार्यालय से जुड़े सूत्रों की माने तो यहां अब तक 1400 हेक्टेयर की बुआई के लक्ष्य को भेद पाने में किसान और विभाग बैकफुट पर हैं, जिसके परिणाम स्वरूप गिद्धौर प्रखण्ड क्षेत्र में अब तक महज 700 हेक्टेयर तक ही गेहूं की बुआई हो सकी है।



जमुई जिले में 16 दिसम्बर के बाद से पारा लुढकते हुए दर्ज किया गया है, ऐसे में मौसम के अनुकूल न रहने से गेहूं के उपज में किसान उपेक्षित हो सकते हैं। हालांकि कुछ किसान इसका जिम्मेदार कृषि विभाग को मानते हैं। किसान कहते हैं कि कृषि विभाग के कर्मियों द्वारा समय अवधि में कृषि के तौर-तरीके न बताने पर अनपढ़ किसान अपेक्षा के अनुरूप उपज नहीं कर पाते। विभाग किसान चौपाल का आयोजन कर कागजी खानापूर्ति तो करती है पर किसान और उनके किसानी की स्थिति आज भी यथावत है।

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