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अलीगंज : नाम बदलकर नौकरी कर रहे शिक्षक धड़ाये, विभाग ने मांगा स्पष्टीकरण

 

Aliganj News (चन्द्रशेखर सिंह) :- भ्रष्टाचार के नाम पर जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली सुशासन के सरकार में भी फर्जी प्रमाण-पत्र पर शिक्षकों की बहाली सुर्खियों में रही है, यही बहाली पंचायतों के मुखिया और सचिव के लिए कामधेनु साबित हो रहा है। विभिन्न थानों में सैकड़ो शिक्षकों पर फर्जी प्रमाण पत्र को लेकर कई मामले दर्ज हैं। कई शिक्षक जेल तक का सफर काट चुके हैं। 

 यूं तो बिहार सरकार ने भी फर्जी प्रमाण पञ पर बहाल शिक्षको को स्वयं त्याग पत्र देकर कारवाई से मुक्त करने का मौका दिया था, जिसमें बड़ी संख्या में फर्जी प्रमाण पत्र पर बहाल शिक्षक/शिक्षिका ने स्वेच्छा से अपना त्याग पत्र सौंपा, लेकिन कुछ शिक्षक अभी तक कार्यालय कर्मियों व पदाधिकारियों के मेहरबानी से फर्जी प्रमाण पत्र व नाम बदलकर विद्यालय में गुरुजी बने बैठे हैं।

इसकी बानगी अलीगंज प्रखंड के कैथा पंचायत अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विधालय धनार में देखने को मिली, जहां कार्यरत विद्या सागर शिक्षक के द्वारा नाम बदलकर शिक्षक की नौकरी करने का मामला प्रकाश में आया है। इनका वास्तविक नाम इन्द्रदेव यादव (पिता -गेनौरी यादव) बताया जा रहा है जो ग्राम तेलार , थाना -चंद्रदीप, जिला जमुई के स्थायी निवासी है। जबकि +2 हाईस्कूल आढा से वर्ष 1976 में नामांकन लिया और वार्षिक माध्यमिक परीक्षा वर्ष 1980 में वर्ग आठ में उतीर्ण हुआ, जिस प्रमाण पत्र में नाम इन्द्रदेव यादव है और नाम बदलकर विद्या सागर के नाम से शिक्षक की नौकरी कर रहे हैं।

 ग्रामीण रघुनंदन यादव ने लिखित शिकायत जिलाधिकारी व जिला शिक्षा पदाधिकारी व डीपीओ जमुई से नाम बदलकर शिक्षक की नौकरी करने को लेकर लिखित शिकायत की थी। शिकायतकर्ता ने बताया वर्ष 2006-07 के वोटर लिस्ट में भी इन्द्रदेव यादव (पिता गेनौरी यादव) दर्ज है। और धोखाधड़ी कर दुसरे के नाम पर उक्त व्यक्ति नौकरी कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे हैं। शिकायत पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) अश्वनि कुमार के द्वारा शिक्षक से संपूर्ण शैक्षणिक प्रमाण के साथ कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश देते हुए उक्त सन्दर्भ में स्पस्टीकरण मांगा है।


Edited by : Abhishek Kr. Jha


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