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कोरोना नजल स्वाॅब टेस्ट-स्टीक ले सकती है जान, कोरोना टेस्ट करवाते वक्त रहें सावधान

विशेष | शुभम मिश्र (सह-संपादक, gidhaur.com) :
वर्तमान परिदृश्य में देखा जाय तो कोरोना वायरस (कोविड-19) से सारा विश्व भयाक्रांत है।वहीं इसके जांच का दायरा भी तेजी से बढ़ता जा रहा है।जांच के दौरान जांच करने एवं करबाने वाले दोनों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।क्योंकि एक मामला सोशल मीडिया पर इन दिनों काफ़ी तेजी से फैल रहा है।यह वाक़या अमेरिका का है जहां एक हास्पीटल में एक 40 वर्षीय महिला का नाक में स्वाॅब डालकर कोरोना टेस्ट सैंपल लेने के दौरान स्कल (सिर) वाॅल्स डेमेज हो गया; जिसके बाद से उस महिला के नाक में तेज दर्द एवं नाक से फ्लूइड बहने लगा था।जांचोपरांत पता चला कि स्वाॅब में इस्तेमाल की गई स्टीक से उस महिला के स्कल की आउटर वॉल्स डैमेज हो गई ; जिस कारण उसकी नाक से ब्रेन फ्लूइड लीक होने लगा और जान-जोखिम में पड़ गई थी।लेकिन सही समय पर उसका इलाज़ होने से उसकी हालत में सुधार हुआ है ; नहीं तो..! चिकित्सकों के अनुसार उसके ब्रेन में लाइफ थ्रेटनिंग इंनफेक्शन हो सकता था।

पेनफूल होता है प्रोसेस
कोरोना जांच करबाने के दौरान लोगों को पेनफूल प्रोसेस से भी गुजरना पड़ता है।क्योंकि इस टेस्ट में "स्वॉब टेस्ट-स्टीक" को नाक में अंदर तक डाला जाता है, जहां "ब्लड ब्रेन बैरियर" से सैंपल ली जाती है।इस दौरान असहनीय दर्द से जांच करबाने वालों के आंसू भी निकल आते हैं।हांलाकि भारत में देखा जाय तो यह दावा अब तक सही साबित नहीं हुआ है।


साइनस एवं अस्थमा रोगी रहें विशेष सावधान
नाक के आसपास चेहरे की हड्डियों के भीतर नम हवा के रिक्त स्थान को साइनस कहते हैं।साइनस पर श्लेष्मा झिल्ली की परत होती है।जो जुकाम एवं एलर्जी होने पर ज्यादा मात्रा में श्लेषम बनाते हैं जिससे नाक के अंदर का स्थान सूज जाता है।ऐसे रोगियों को सैंपल देते समय ज्यादा परेशानी होती है।वहीं अस्थमा रोगियों की बात करें तो,उनका सैंपल लेते समय उन्हें सांस की तकलीफ भी हो सकती है।ऐसे रोगियों की कोरोना जांच हेतु सेम्पल लेने के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।सैंपल लेने से पूर्व उनके रोग की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की जानकारी जरूर लेनी चाहिए ,जिससे सैंपल लेते समय रोगानुरूप कोविड टेस्ट के प्रोटोकॉल में परिवर्तन हो सके।इसके लिये नजल स्वाॅब सैंपल सिर्फ प्रशिक्षित हेल्थकेयर प्रोफेशनल द्वारा ही किया जाना चाहिए।ताकि लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना न करना पड़े।

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