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गिद्धौर : मृत व्यक्ति के लिखित शिकायत पर निरीक्षण को पहुंचे ड्रग इंस्पेक्टर !

>> गिद्धौर स्थित सिटी मेडिकल हॉल में अवैध दवा रखने की हुई थी शिकायत 

News Desk | अभिषेक कुमार झा

Gidhaur :- जरा सोचिए, क्या आलम होगा जब एक मृत व्यक्ति अपनी शिकायत विभाग को स्पीड पोस्ट करके भेजे।

सुनने में ये अजीब और हैरतअंगेज जरूर है। पर वास्तविकता इससे अलग भी नही है। मामला गिद्धौर बाजार स्थित सिटी मेडिकल हॉल (City Medical Hall , Gidhaur) का है जहां अवैध ड्रग बेचे जाने का प्रकरण उभरकर सामने आया  है।


जानकारी अनुसार, प्रखण्ड के पतसन्डा पञ्चायत निवासी टेकन रविदास ने स्पीड पोस्ट के माध्यम से उक्त प्रकरण से सम्बंधित लिखित शिकायत ड्रग इंस्पेक्टर से की है। इतना ही नही इसकी प्रतिलिपि सीएस, आर एल ए,  डीएम व आरक्षी अधीक्षक के साथ साथ स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को भी प्रेषित की गई है। रोचक बात यह है कि शिक़ायतकर्ता का निधन 22 अगस्त को ही हो चुका है। इसके बाद दिवंगत के नाम से लिखित शिकायत गिद्धौर डाकघर से 27 अगस्त को निबंधित डाक से भेजी गई है। आवेदन में शराब बनाने में प्रयोग किये जाने वाले एक ड्रग का जिक्र किया गया है जिसकी बिक्री अवैध रूप से सिटी मेडिकल हॉल में होने की बात बताई गई। बीते 20 अगस्त को लिखे गए आवेदन में बताया गया कि 'ऑक्सीटोसिन अम्पल' (Oxytocin Ample) नामक यह ड्रग स्वास्थ्य के लिए अहितकर है और सरकार द्वारा प्रतिबंधित भी।



- ड्रग इंस्पेक्टर ने किया निरीक्षण -

आवेदन प्राप्त होते ही ड्रग इंस्पेक्टर (Drug Inspector) कृष्ण कुमार शर्मा ने सिटी मेडिकल हॉल पहुंचकर मामले की छानबीन की। श्री शर्मा ने इसे शरारती तत्वों की हरकत बताते हुए स्थानीय निवासी रंजीत रविदास , सुनील प्रसाद एवं गुड्डू कुमार की उपस्थिति में जांच प्रतिवेदन बनाई। प्रतिवेदन के अनुसार, शिकायतकर्ता का निधन 22 अगस्त को ही हो चुका जबकि आवेदन 27 अगस्त को पोस्ट की गई है। निरीक्षण प्रतिवेदन में बताया गया है कि सिटी मेडिकल के जांच उपरांत किसी भी प्रकार के अवैध दवाई नहीं पाई गई। वहीं, औषधि निरीक्षक ने इस तरह की हरकत को अंजाम देने वालों पर कार्रवाई की बात कही।

दुकानदार ने रखा अपना पक्ष - -

इधर, इस मामले में सिटी मेडिकल्स के स्वामी लखन रविदास ने लिखित शिकायत में उनके खिलाफ दर्ज सभी आरोपों को झुठलाते हुए खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि उनके ही कोई करीबी उन्हें द्वेष व ईर्ष्या भाव से उन्हें फंसाने व उनके छवि को धूमिल करने की मंशा से इस तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।


- डाक विभाग ने भी झाड़ा पल्ला -

 इस संदर्भ में हुए विशेष बात चीत में गिद्धौर डाकघर (Gidhaur Post-Office) के सब-पोस्टमास्टर ने बताया कि आर्टीकल कोई भी किसी का बुकिंग करा सकता है। बुक किये गए आर्टिकल को गंतव्य तक पहुंचाना डाक विभाग की जिम्मेदारी होती है। आर्टीकल की बुकिंग भेजने और पाने वाले पते के मिलान करने पर किया जाता है। "

- - - सूत्रों का क्या है कहना - - -

 इधर, विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि  दुकानदारी के आड़ में कई प्रतिबंधित दवाइयां सिटी मेडिकल्स में स्टॉक हैं। ये वो ड्रग होते हैं जो शराब निर्माण व गर्भवती गाय को दिए जाते हैं। साथ ही साथ इनमे वो ड्रग भी शामिल हैं जिसके बिक्री पर सरकारी आदेश की जरूरत होती है।

गौरतलब है कि बीते कुछ माह पूर्व सिटी मेडिकल हॉल के संचालक से ही आपराधिक घटना के तहत फिरौती की मांग की गई थी, और फिर आज अवैध व प्रबन्धित दवाओं की बिक्री के मामले ने एक बार फिर सिटी मेडिकल हॉल को सुर्खियों में ला दिया है।

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