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पृथ्वी दिवस : जमुई की धरा पर 4 वर्षों से बिछ रही है हरियाली की बिसात

[News Desk | Abhishek Kumar Jha] :-

मैं अकेला ही चला था जानिब -ए-मंज़िल मगर,लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया ...
उक्त पंक्तिया चरितार्थ होती है, युवाओं के उन हौसलों पर जो बेहद अल्पावधि में जमुई जिले की धरा का हरित श्रृंगार कर हरियाली बिखेर रहे है । चंद युवाओं के बुलंद हौसले के नीव पर वर्ष 2016 के 10 जून से शुरू हुआ 'साईकिल यात्रा एक विचार' नामक मंच से हरियाली का सफर आज पर्यावरण सरंक्षण के लिए जिलेभर में एक अनुपम पहचान बनाई है। शुरुआत से लेकर अब तक प्रत्येक रविवार हरियाली के प्रति जागरूकता रैली निकालकर जमुई जिले के विभिन्न हिस्सों में पैधरोपन का कारवां जारी है।  चार वर्ष पूर्व लगाए गए पौधे अब पेड़ का रूप लेने लगे हैं। 
साईकिल यात्रा एक विचार के संस्थापक विवेक कुमार बताते हैं कि जन जन तक पौधरोपण के प्रति जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाना इस मुहिम का उद्देश्य है।

*सामूहिक भागीदारी से मिल रहीं है ख्याति -

इधर, पर्यावरण संरक्षण को लेकर साइकिल यात्रा एक विचार मंच के द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना ना सिर्फ जिला प्रशासन बल्कि अंतरराष्ट्रीय पटल पर भी की जा चुकी है, यूं कहें कि जमुई जिले में ग्रीनरी कायम करने के इन प्रयासों को अब अंतरप्रान्तीय ख्याति प्राप्त होने लगी है।  जिले में हरियाली की बिसात बिछाने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस विचार मंच के सदस्य के रूप में पर्यावरण प्रेमी, छात्र, शिक्षाविद, प्रबुद्धजन के अलावे सरकारी कर्मी भी स्वेच्छापूर्वक अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। मंच के शीर्ष सदस्यों में हरेराम सिंह, संदीप रंजन, सचिराज पदम्कर, अभिषेक आनन्द, विनय कुमार, लड्डू मिश्र, शैलेश भारद्वाज, शेषनाथ, सुमित सिंह आदि शामिल हैं। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी युवाओं के इस मुहिम की मुक्त कंठ से सराहना की जा रही है।
 
*नई पीढ़ियों के लिए विचार मंच बना प्रेरणास्रोत -

पर्यावरणप्रेमियों की एकजुटता एवं प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता से जुड़े 4 वर्ष के इस मुहिम में विचारमंच ने सफलतापूर्वक 240वां यात्रा पूर्ण किया है। इस मुहिम में अब तक 10 हजार से भी अधिक पेड़ लगाए जा चुके हैं, जिसमें तकरीबन 85 फीसदी पेड़ स्वास्थ्य व सुरक्षित हैं। 4 वर्षों से लेकर अब तक पौधारोपण के प्रति लगाव और लोगो मे जागरूकता लाना विचार मंच के सदस्यों की नियति बनते जा रही है। बिहार सरकार के जल जीवन हरियाली योजना ने इनके नियति को और भी धार दे दी है।
बता दें, इस मुहिम में आर्थिक बाधाएं भी युवाओं के हौसलों को डगमगा नही सके, परिणामतः बगैर किसी आर्थिक सहायता व सरकारी सहयोग से अपने दम पर जमुई को हरियाली की सौगात देने वाली युवाओं की ये टोली जिले भर के लिए मिसाल बन गई है।

*- - - मुख्य उपलब्धियों की फेहरिस्त - - -*

साईकिल यात्रा एक विचार मंच के माध्यम से जिलेवासियों को पर्यावरण संरक्षण का पाठ पढ़ाने वाले विवेक कुमार ने रुलर डेवलोपमेन्ट से एम ए किया है। फिलहाल जमुई समाहरणालय कर्मी के रूप में अपनी सेवा दे रहे हैं।  ग्रींन मैन ऑफ बिहार, एनवायरमेन्ट अवार्ड,  सोशल हीरो अवॉर्ड,  प्रयावरण दूत जैसे पर्यावरण के क्षेत्र में नवाजे जाने वाले इन खिताब और विवेक कुमार के इन  उपलब्धियों की फेहरिस्त पर जिले का हर नागरिक गौरवान्वित महसूस करता है।

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