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शुक्रवार, 31 जुलाई 2020

झारखंड सरकार ने जारी किए नियम, दूसरे राज्‍यों से आने वालों को रहना होगा होम क्‍वारंटाइन में



रांची : कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकन के लिए राज्‍य सरकार सजग है. संक्रमण को रोकने के लिए दूसरे राज्‍यों से आने वालों को होम क्‍वारंटाइन में रहने के लिए सरकार ने निर्देश जारी किया है. होम क्‍वारंटाइन का पालन कराने को लेकर मुख्‍य सचिव ने सभी जिलों के डीसी, एसएसपी और एसपी को निर्देश दिया है. नये निर्देश के अनुसार दूसरे राज्‍यों से आनेवाले व्यक्तियों को राज्य के बॉर्डर, रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट पर पक्की स्याही लगायी जायेगी. उनके दाहिने हाथ के इंडेक्स फिंगर को छोड़ कर सभी उंगलियों के नाखून में लगाया जायेगा. साथ ही उन्हें एक क्वारंटाइन ऑर्डर दिया जायेगा. जिसमें उन्हें क्या करना है और क्या नहीं करना है लिखा होगा.


● इन नियमों का करना होगा पालन

1. दूसरे राज्यों से आनेवाले सभी लोगों को क्वारंटाइन ऑर्डर वाली एक कॉपी दी जायेगी. जिसमें क्‍या करना है और क्‍या नहीं करना है यह बतलाया जायेगा.

 2. होम क्वारंटाइन की पहचान के तौर पर बाहर से आनेवाले सभी लोगों के दाहिने हाथ के इंडेक्स फिंगर को छोड़ कर पक्की स्याही लगायी जायेगी.

3. राज्य के सभी रेलवे स्टेशन एयरपोर्ट और इंटर स्टेट बॉर्डर पर हेल्प डेस्क बनाया जायेगा, जहां बाहर से झारखंड लौटनेवाले लोगों के रजिस्ट्रेशन की जांच की जायेगी और वैसे लोग जिनका रजिस्ट्रेशन नहीं है, उनको रजिस्टर्ड किया जायेगा.

4. सभी बॉर्डर, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट के हेल्पडेस्क में बाहर से लौटनेवाले लोगों की मार्किंग की जायेगी और साथ ही उन्हें क्वारंटाइन रहने का आर्डर सौंपा जायेगा.

5. होम क्वारंटाइन आनेवाले मामलों में एक टीम बनायी जायेगी, जो लोगों के घर जाकर क्‍वारंटाइन में रह रहे लोगों के स्टेटस की जांच करेगी.

6. होम क्वारंटाइन में रह रहे लोगों के घर के बाहर होम क्वारंटाइन वाला स्टीकर साटा जायेगा, जिसमें क्वारंटाइन में रहनेवाले व्यक्ति के नाम और क्वारंटाइन अवधि की विस्तृत सूचना होगी. इस स्टीकर में यह बताया जायेगा कि व्यक्ति को घर से बाहर आने की अनुमति नहीं है, प्रॉब्लम होने की स्थिति में बाहरी लोगों के लिए एक नंबर भी दिया होगा, जिस पर वह सूचना दे सकेंगे.

7. अगर जिला प्रशासन को यह लगता है कि होम क्वारंटाइन सही नहीं होगा, तो उन्हें संबंधित जिला के इंस्टीट्यूशनल क्वारंटाइन सेंटर में रखा जायेगा.

8. जिला प्रशासन को अगर लगता है कि संबंधित व्यक्ति द्वारा नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है तो उन्हें इंस्टीट्यूशनल या पेड क्वारंटाइन सेंटर में रखा जायेगा.

9. बाहर से आनेवाले सभी व्यक्तियों की निगरानी के लिए स्थानीय समितियों या फिर सहिया, सेविका, पीडीएस समितियों को अधिकृत किया जाना होगा. जो उनके आने की सूचना संबंधित ब्लॉक के अधिकारियों को देगी.

10. होम क्वारंटाइन किये गये सभी लोगों की मोबाइल ट्रेकिंग की जायेगी और उनका नियमित अनुश्रवण किया जायेगा.

11. जिला उपायुक्तों को यह सुनिश्चित करना होगा कि चेक पोस्ट पर किसी भी तरह के व्यवसायिक वाहन की आवाजाही बाधित ना हो.

12. जिला उपायुक्त के द्वारा चेक पोस्ट, हेल्पडेस्क और क्वारंटाइन में रह रहे लोगों के घरों के भ्रमण के लिए उपयुक्त संख्या में कर्मियों की तैनाती कर सकते हैं.

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