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शिक्षक संघ का सरकार को अल्टीमेटम, 22 सूत्री मांग पूरी न होने पर होगा एनडीए का विरोध

News Network | gidhaur.com】:-  सूबे के 4 लाख नियोजित शिक्षकों के हक और अधिकार की लड़ाई में संघ और सरकार आमने सामने दिखाई देने लगे हैं। इसको लेकर प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष आनंद कौशल सिंह ने बताया है कि 22 सूत्री मांग को सरकार के द्वारा अगस्त माह तक पूरा नहीं किया गया तो बिहार विधानसभा व विधान परिषद के निकटस्थ चुनाव में एनडीए के सभी प्रत्याशियों के खिलाफ शिक्षक व उनके परिवार के 50 लाख से भी अधिक सदस्य सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ वोट देकर उन्हें सता से बेदखल करने का काम करेंगे । अपनी मांग को लेकर शिक्षकों के समस्याओं से जुड़ी 22 सूत्री मांग से संबंधित पत्र मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री को ईमेल से प्रेषित की गई है। 


श्री सिंह ने कहा है कि 15 साल से सूबे की सरकार नियोजित शिक्षकों की प्रमुख मांग नियमित शिक्षकों की भांति वेतनमान, सेवा शर्त, राज्य कर्मी का दर्जा आदि को पूरा करने के बजाय सिर्फ गंदी राजनीति कर रही है, उन्होंने कहा कि अब अगर अगस्त माह में सरकार इन महत्वपूर्ण मांगों को शिक्षक हित मे पूरा नहीं करती है तो अपने हक- हकूक व सम्मान की सरकार से चल रही लड़ाई में नियोजित शिक्षक और उनके परिजन एनडीए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल विधानसभा और एमलसी चुनाव में वोट की ताकत से सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य भर के तमाम प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षक एवं पुस्तकालयाध्यक्ष शिक्षा के क्षेत्र में अपना अहम योगदान देते आ रहे हैं। सरकार की गलत नीतियों के कारण लंबे समय से आर्थिक तंगी झेल रहे शिक्षक लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग को रखते आ रहे हैं, बावजूद इसके सरकार आंख मूंद बैठी है।
उन्होंने कहा कि नियोजित शिक्षकों के सेवाशर्त निर्माण हेतु 5 वर्ष पूर्व ही विभागीय स्तर पर कमिटी बनाई गई थी, जो आज तक निष्फल है, जबकि नियोजित शिक्षकों के लिए नियमित शिक्षकों वाली सेवा शर्त लागू की जानी है जो पहले से ही तैयार है।  प्रदेश के तमाम नियोजित शिक्षक एवं पुस्तकालय अध्यक्ष सरकार के शिक्षक व शिक्षा से जुड़े दमनकारी नीतियों के खिलाफ वोट की चोट से लड़ाई लड़ेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि शैक्षणिक पैमाने पर  ऐसी कई परिस्थितियां हैं जहां सरकार के द्वारा नियोजित शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार किया गया है।

नियोजित शिक्षकों की 22 सूत्री मांगें :- 

01).  नियोजित शिक्षकों को पुराने नियमित शिक्षकों की भांति  पूर्ण वेतनमान दिया जाय

02. नियोजित शिक्षकों को नियमित शिक्षकों की भांति सेवा शर्त दिया जाए।

03. प्रारंभिक शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देते हुए त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था से शीघ्र अलग किया जाय।

04). पुरानी पेंशन योजना अबिलम्ब लागू किया जाए।

05). सभी नियोजित शिक्षकों को अंतर जिला ऐच्छिक स्थानांतरण की सुविधा दी जाए।

06). सभी कोटि के नियोजित शिक्षकों को ग्रेच्यूटी, अर्जितावकाश, ग्रुप बीमा एवं सामान्य भविष्य निधि योजना का लाभ दिया जाए।

07).  हड़ताल 2020 की अवधि में नियम के विपरीत पटना जिला के शिक्षक मो. मुस्तफा आजाद सहित अन्य की बर्खास्तगी अवधि 131 दिन का सामंजन कर वेतन भुगतान किया जाय।

08).  18 जुलाई 2019 एवं 05 सितंबर 2019 के आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए मुकदमा व अन्य दण्डात्मक कार्रवाई को बिना शर्त वापस लिया जाए।

09). 05 सितंबर 2019 के वेदना प्रदर्शन आंदोलन तिथि का सामंजन, अवकाश तिथि में करने का आदेश दिया जाय।

10). 2020 के हड़ताल अवधि के दौरान निधन हुए  शिक्षकों के बेसहारा हो चुके परिजनों को एक मुश्त 50 लाख रुपया व सरकारी नौकरी दिया जाय।

11. सभी नियोजित शिक्षकों को सेवा निरंतरता का लाभ।

12).  वेतन निर्धारण की विसंगति को दूर करते हुए नवनियुक्त शिक्षकों के वेतन निर्धारण हेतु जारी पत्रांक 1900 दिनांक 04/10/19 के कंडिका 03(4) में संशोधन करते हुए वेतन निर्धारण में इंडेक्स 03 से अधिक नहीं करने की बाध्यता को समाप्त किया जाए।

13).  मार्च 2015 के बाद नियुक्त अप्रशिक्षित शिक्षकों की सेवा बरकरार रखते हुए मार्च 2019 के बाद से प्रशिक्षण उत्तीर्ण शिक्षकों को सत्र समाप्ति की अवधि से प्रशिक्षित वेतनमान देते हुए उनकी सेवा निरंतरता रखी जाय।

14). सभी प्रशिक्षण सत्र के नव प्रशिक्षित शिक्षकों को सत्र समाप्ति की तिथि से प्रशिक्षित शिक्षक का वेतन दिया जाय ।

15). पूर्व की भांति मृत शिक्षकों के आश्रितों परिवारों को नियम में बदलाव करते हुए अनुकंपा का लाभ दिया जाय ।

16). नगर निगम क्षेत्र में कार्यरत सभी नियोजित शिक्षकों को नियमित शिक्षकों की तरह शहरी परिवहन भत्ता का लाभ दिया जाय।

 17). नियोजित शिक्षिकाओं को 180 दिन का मातृत्व अवकाश दिया जाय। 

18). प्रशिक्षण सत्र समाप्ति के बावजूद भी परीक्षा से वंचित नियोजित शिक्षकों की परीक्षा अबिलम्ब आयोजित की जाय।

19). दो वर्षीय प्रशिक्षण में अनुत्तीर्ण नियोजित शिक्षकों की अविलंब परीक्षा आयोजित की जाय।

20). प्रारंभिक विद्यालय के सभी छात्र छात्राओं को शैक्षणिक सत्र 2020/21 का पाठ्य पुस्तक अविलंब दिया जाय।

21). वैश्विक महामारी कोरोना के बढ़ते रफ्तार को देखते हुए लॉकडाउन अवधि तक शिक्षकों को सभी कार्यों से मुक्त रखा जाय।

22). वैश्विक महामारी कोरोना काल के दौरान कर्तव्यनिष्ठता के साथ करते हुए निधन हुए शिक्षकों के परिजनों को 50 लाख रुपया व नौकरी दी जाय।

इन सभी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए बिहार विधान सभा एवं विधान परिषद चुनाव 2020 के पूर्व अगस्त माह 2020 तक सभी 22 सूत्री मांगों को पूरा करने की मांग सरकार व विभाग से की गयी है।


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