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पंचायतों में रोजगार का एकमात्र साधन मनरेगा : मुखिया संगम बाबा

इसुआपुर के डिह छपियाँ और तरैंयाँ के चैनपुर व गलिमापुर में खाद्य सामग्री बँटी...

इसुआपुर/तरैंयाँ (सारण) :- बेरोजगार प्रवासी मजदूरों के लिये पंचायतों में रोजगार का एकमात्र साधन मनरेगा है जहाँ साल में 100 दिनों का रोजगार मिल सकता है और कुछ हद तक बेरोजगारी दूर हो सकती है उक्त बातें मुखिया संगम बाबा ने इसुआपुर के छपियाँ पंचायत के डिह छपियाँ गाँव में जरुरतमंदो के बीच खाद्य सामग्री का वितरण करने के दौरान कही ।
वहीं संगम बाबा ने कहा की पंचायतों में मनरेगा के तहत चल रही योजनाओं में रोजगार पाने के लिये प्रवासी मजदूर अपना रजिस्ट्रेशन करा लें और सरकार द्वारा निर्धारित दर पर काम करें ।
वहीं बुधवार को इसुआपुर डिह छपियाँ व तरैंयाँ के चैनपुर और गलिमापुर में जरुरतमंदो के बीच खाद्य सामग्री के सैकड़ों पैकेट का वितरण किया ।
मौके पर रुपेश गिरि, बंटी गिरी, डा० म० अकिल, चंदन गुप्ता, बिट्टू राम, नंदकिशोर गिरि, नागेश्वर गिरि, राजीव रंजन गिरि, राजनारायण शुक्ल मौजूद थे ।