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रविवार, 3 मई 2020

आई-सक्षम द्वारा नई शैक्षणिक व्यवस्था के माध्यम से दी जा रही शिक्षा

न्यूज़ डेस्क / शुभम मिश्र :
आज वैश्विक स्तर पर कोरोना जैसी महामारी के कारण पूरे विश्व में जो संकट उत्पन्न हुआ है।भारत भी उससे अछूता नहीं है।जिसके कारण यहां की शैक्षणिक व्यवस्था भी बुरी तरह से प्रभावित हुई है।देखा जाय तो बिहार में बच्चों की शिक्षा अक्सर प्रभावित हो जाती है, जिसका कारण, अत्यधिक गर्मी, ठंढा, वर्षात,प्राकृतिक आपदा आदि में बच्चों को दी जाने वाली छुट्टी एवं शिक्षकों की हड़ताल है।
गौरतलब है कि 17 फरवरी से अभी तक शिक्षकों की हड़ताल जारी है।बतादें कि कोरोना के कहर को लेकर पूरे देश में लाॅकडाउन होने से बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो गई है।वहीं इस महामारी जैसी भयंकर झंझावात में भी " आई सक्षम " नाम की शैक्षणिक जागरूकता अभियान चलाने वाली संस्था सूबे के जमुई एवं मुंगेर जिले के कुछ प्रखंडों में अपनी कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए युवाओं को प्रशिक्षित कर बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने की पहल की है।
इस बाबत पूछे जाने पर संस्था के अमर कुमार एवं प्रिंस कुमार ने बताया कि अभियान को शुरू करने से पहले संस्था द्वारा सर्व प्रथम इन जिलों के विभिन्न स्थानों पर टेलीफोनिक सर्वे कराकर शिक्षा की स्थिति का जायजा लिया गया।जब इसकी सकारात्मक पुष्टि हुई कि बच्चों को घर बैठे भी साधारण मोबाईल द्वारा पढ़ाया जा सकता है; तो संस्था के कुशल प्रशिक्षक द्वारा बच्चों को ऑन-काॅल के माध्यम से पढ़ाना शुरू किया गया।जिसका नितांत नूतन स्वरूप देखकर अभिभावक भी अभिभूत हुए हैं,जिस कारण वे बच्चों को पढ़ाने में योगदान भी दे रहे हैं।इस माध्यम से बच्चे अपनी पाठ्य समस्याओं का समाधान भी आसानी से प्राप्त कर रहे हैं।
बता दें कि यह संस्था जमुई जिले के खैरा, जमुई सदर, गिद्धौर, बरहट प्रखंडों में एवं मुंगेर जिले के धरहरा एवं जमालपुर प्रखंड में कार्य कर रही है।उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में 1-5 वर्ग तक के बच्चों को यह सुविधा दी गई है।यह कार्यक्रम परस्पर जारी रहेगा।इस कार्यक्रम को संचालित करने के लिये सैकड़ों की संख्या में युवाओं को प्रशिक्षित कर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।प्रत्येक एडू लीडर(प्रशिक्षक) को साप्ताहिक विषय-वार दिनचर्या दी गई है,जिसे उन्हें ससमय पढ़ाना होता है।
वहीं समाज के लोगों में भी इस कार्यक्रम के प्रति खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।कुछ लोगों का यह भी कहना है कि ऐसे सुझावों से शिक्षा पद्धति सर्व सुलभ,सरल होकर बच्चों को लाभान्वित करेगी और लाॅकडाउन का सदुपयोग भी होगा।उक्त अवसर पर एडू लीडर शिल्पा, जूही, पूजा, करिश्मा, मोनिका, प्रिया, सुदामा, प्रवीण एवं बिट्टू आदि की भी मौजूदगी देखी गई।

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