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लॉकडाउन 3.0 : वेल्लोर में फंसे हैं जमुई जिले के दर्जनों लोग, घर वापसी की लगाई गुहार

बोले - "परेशानियों में हो रहा गुजारा, नहीं मिल रही सरकारी सहायता"

 【न्यूज़ डेस्क | अभिषेक कुमार झा】 :-

 देश में राष्ट्रीय आपदा के रूप में घोषित कोरोना संक्रमण के कारण जन जीवन अस्त व्यस्त है।  इस गंभीर संक्रमण के कारण देश मे आर्थिक स्थिति के संकट का दौर शुरू हो गया है।


  केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा ऐसी विकट स्थिति में आम जनों के हितों को ध्यान में रखकर आम अवाम को इस आपदा कि स्थिति में दिक्कत न हो इसका पूरा पूरा ख्याल रखा जा रहा है, लेकिन इसी कड़ी में कुछ ऐसे लोग भी हैं जो लॉकडाऊन से पूर्व अपने स्वास्थ्य समस्या को लेकर बिहार राज्य से बाहर एक सीमित संसाधन के तहत अपना इलाज कराने गए थे, जो लॉकडाउन में फंसकर मानसिक परेशानी के साथ आर्थिक संकट झेल रहे हैं उन्हें अब उन्हें घर की चिंता सता रही है। केन्द्र सरकार की घोषणा के बाद भी घर लौटने के कोई भी साधन उन तक नहीं पहुंच पा रहे।
 बताते चले कि, गिद्धौर प्रखंड से तमिलनाडु के वेल्लोर सीएमसीएच अपना इलाज कराने गए थे जिन्हें अब घोर संकटों का सामना करना पड़ रहा है। इन मरीजों में गिद्धौर के सेवानिवृत्त प्राचार्य दया नाथ झा  के साथ ध्रुव नाथ झा , रवि शंकर प्रसाद के साथ पिंकी देवी , ईश्वर रावत के साथ बिक्की कुमार सहित दर्जनों हैं जो वेल्लोर में लॉक डाऊन में फंसकर बीते एक माह से अधिक समय से अपने घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन लॉक डाऊन के बढ़ते समय से उन्हें मानसिक, शारीरिक, और आर्थिक परेशानियां भी घेरने लगी है।  ये सभी सीमित संसाधन के तहत किसी तरह है वेल्लोर में एक माह गुजार लिए, लेकिन अब इनकी स्थिति दयनीय होती जा रही है। गिद्धौर के अलावे सोनो, चकाई, झाझा आदि जमुई जिले के अन्य क्षेत्रों से भी साउथ इंडिया में फंसे लोग ने   लोगों ने सरकार व जिला प्रसासन से सुरक्षित अपने घर वापसी की गुहार लगाते हुए कहा कि तमाम सरकारी घोषणाओं के बावजूद सरकार के कान ओर जूं तक नही रेंग रही। उन्होंने सरकार और प्रशासन इस ओर विचार कर कोई ठोस कदम उठाने की मांग की है।