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रतनपुर की सड़कों पर लंबे लंबे डग भरते मजदूरों को पत्रकार ने कराया भोजन



गिद्धौर  (न्यूज़ डेस्क) :-

कोरोना वायरस के कारण लॉक डाउन से गरीबो दैनिक मजदूरी करने वाले पर भोजन के लाले पड़ने लगे हैं।
 गुरुवार को रतनपुर की सड़को पर लंबे लंबे डग भरते एक परिवार पर संवाददाता अजीत कुमार की नजर पड़ी। जिनसे बात करने पर उन्होंने बताया कि वे पिछले 3 दिन पहले पैदल ही पटना से  चले और झाझा के करमा बोड़बा तक का सफर तय करना है। बताया कि रेल, बस सार्वजनिक और निजी परिवहन सेवा बंद होने से पैदल ही पत्नी समेत अपने चार  छोटे-छोटे बच्चे के साथ अपने पैतृक गांव की ओर निकल पड़े हैं।
पटना से चलकर भौराटाँड़ तक आये मजदूर मुनेश्वर बेसरा,बताते हैं कि ठेकेदार और मकान मालिकों की बेरुखी से कई मजदुर अपने पैतृक गांव लौट रहे हैं। उनके साथ उनकी पत्नी तरेसा टुडू,  पुत्र इनीप बेसरा, जेपरी बेसरा, व पुत्री ईफा टुडू, श्रुति बेसरा भी था।

इस दौरान पत्रकार की नजर जब इन मजदूरों पर पड़ी तो बताया कि पटना से पैदल ही चले आ रहे हैं वहीं तेज धूप और धूल से मुरझाए चेहरे देखकर पत्रकार ने जब खाने के बारे में पूछा तो कहा कि सुबह से ही भूखे हैं उसके उपरांत पत्रकार ने उसे भोजन पानी दीया और उसके उपरांत पत्रकार ने मजदूरों को झाझा जाने का रास्ता बताया और आइसोलेशन कराने पर जोर दिया
गौरतलब है कि ,प्रशासनिक स्तर पर सरकारी परिवहन व्यवस्था से गतंव्य तक भेजने  का फरमान जारी तो कर दिया गया है, लेकिन पटना से तीन दिन तक पैदल चलने के बाद भी पलायन कर रहे इन मजदुरो के पांव थमते नही दिख रहे।