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गिद्धौर : कोरोना के आगे घुटने टेक रहा पंचम राज्य वित्त आयोग की राशि, जानिए क्या है स्थिति

न्यूज़ डेस्क | अभिषेक कुमार झा】 :-

कोरोना वायरस से बचाव एवं प्रबंधन के लिए पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव अमृतलाल मीणा ने  त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्था पंचम राज्य वित्त आयोग के अनुदान की राशि खर्च करने से संबंधित दिशा-निर्देश जिलाधिकारी, उपविकास आयुक्त एवं जिला पंचायती राज पदाधिकारी को जारी किया है। लेकिन गिद्धौर प्रखंड क्षेत्र में सचिव का यह फरमान घुटने टेकने को मजबूर है।


 मजबूरी का आलम यह है कि गिद्धौर प्रखण्ड क्षेत्र के कई सूदूर इलाकों में जनप्रतिनिधियों से लेकर संबंधित पंचायत के मुखिया की कार्यशैली से लोग उपेक्षित हैं। यूं कहें कि कोराना कहर की त्रासदी जहां आम आवामों के लिए महामारी घोषित है,वहीं पंचायतों के मुखिया इस अवसर को मलाई काटने में सदुपयोग कर रहे हैं।
दरअसल,  गिद्धौर प्रखंड मुख्यालय से सुदूर प्रखंडों व गांवों के सरकारी अस्पतालों में मास्क ,सेनेटायजर एवं साफ-सफाई के समुचित साधन का आभाव है ।
इसपर संवेदनशीलता दिखाते हुए बिहार सरकार ने  पत्रांक 19/गोपनीय दिनांक 1 अप्रैल 2020 के माध्यम से कोराना महामारी को हराने के उद्देश्य से पंचम वित्त आयोग के धन राशि का व्यय कर हर सम्भव मदद पहुंचाने का निर्देश दिया है। पत्र के माध्यम से निर्देशित किया गया है कि पंचायतों के विभिन्न वार्डों में आम जनों के बीच मास्क, सैनिटाइजर, ग्लब्ज एवं साबुन का वितरण किया जाना है, उपलब्ध कराये गये राशि को खर्च करने का पुर्ण अधिकार सम्बंधित पंचायतों के मुखियाओं को ही दी गयी है ।ग्राम पंचायतों को यह विशिष्ट जिम्मेवारी दी गयी है कि सरकार द्वारा विकसित की गयी सामग्रियों ,साधनों एवं लाॅकडाउन में उत्पन्न होने वाली जनसमस्याओं का पर्याप्त प्रचार-प्रसार लगातार कराया जाना है । अब जमीनी हकीक़त की बात करें तो गिद्धौर प्रखण्ड क्षेत्र में एक-दो दिन प्रचार प्रसार के लिए लाउडस्पीकर माइकिंग कर महज नियमों एवं विभागीय आदेशों की खानापूर्ति की गई।


- - - बोले ग्रामीण, मुखिया नहीं देते ध्यान -- - -

गिद्धौर प्रखण्ड क्षेत्र के कैराकादो महादलित टोले के ग्रामीण रंजू देवी, चिन्ता देवी, कैलाशी देवी, सबरी देवी, पात्तो देवी, जियरा देवी, रामचन्द्र मांझी सहित दर्जनों  महादलितों ने बताया कि रतनपुर ग्राम पंचायत के मुखिया राजेश सिंह द्वारा हम ग्रामीणों को न तो मास्क, न सैनिटाइजर, और न ही ग्लब्ज या साबुन का वितरण किया गया है। कुछ जगहों पर 5-10 लोगों के बीच सिर्फ साबुन ही वितरित कर औपचारिकता पूरा दी गयी है।
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कमोबेश यही स्थिति गिद्धौर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों का है जहां प्रधान सचिव का यह फरमान धरातल पर उतरने से पहले ही हांफ रहा है।
यहां यह भी बता दें कि, पत्र में प्रत्येक गली मोहल्लों में ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव करने को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं, लेकिन गिद्धौर प्रखंड क्षेत्र के रतनपुर, मौरा, कुन्धुर, कोल्हुआ आदि पंचायतों में यह फरमान भी कागजों पर ही सिमटा हुआ है।
इधर,  राज्य सरकार द्वारा पंचायतों को राशि खर्च किए जाने संबंधी निर्देश जारी किए जाने के बाद मास्क व सैनिटाइजर वितरण के लिए पंचायतों के मुखिया पर जनता का दबाव बनता दिख रहा है। ऐसे में जिन पंचायतों को पंचम वित्त आयोग की राशि उपलब्ध नहीं है वे परेशान हैं।


वहीं, ग्राम पंचायतों को राशि उपलब्ध कराने के साथ ही यह भी जिम्मेदारी दी गई है कि गांव में पंचायत भवन, सामुदायिक भवन अथवा विद्यालय भवनों में स्थापित आइसोलेशन सेंटर एवं स्वच्छ पेयजल पेयजल आपूर्ति शौचालय भवन एवं इसके आसपास स्वच्छता एवं साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाय, लेकिन गिद्धौर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में उक्त स्थाने कोरोना के संक्रमण को बढ़ाने में बलिष्ठता दिखा रही है।

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"उपलब्ध राशि को खर्च करने का निर्देश दिया गया है। सभी प्रखंडों को भी राशि भेजी गयी है। जिस पंचायत में कोष खाली है, विभागीय आदेश पर वहाँ आवंटन जाएगा। "
         - अरुण कुमार ठाकुर
      उप विकास आयुक्त, जमुई