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गिद्धौर PHC में कोरोना से निपटने के लिए समुचित व्यवस्था नहीं, प्रबंधन उदासीन

>> जागरूकता के आभाव में बनी है उहापोह की स्थिति

न्यूज़ डेस्क | अभिषेक कुमार झा】-:

एक ओर जहां स्वास्थ्य विभाग, परिवार कल्याण मंत्रालय सहित अन्य सामाजिक संगठनों द्वारा कोरोना वायरस से बचाव से जुड़े जागरूकता को लेकर एडवाइजरी जारी कर लोगों को इससे बचाव के लिए जागरूक करने का प्रयास कर रही है, वहीं गिद्धौर स्थित दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र इस ओर उदासीन बना हुआ है।

बता दें, गिद्धौर प्रखण्ड क्षेत्र की तकरीबन 30 फीसदी लोग दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता जैसे महानगरों में काम कर अपना जीवन व्यपन करते हैं, ऐसे में उनका अपने घर लौटना और संदिग्घ अवस्था मे उसके जांच की समुचित व्यवस्था न होना व्यवस्था और तंत्र को सवालों के घेरे में डालता है।
विदित हो, विश्व के लगभग 126 देशों में अपना पांव पसार चुके कोरोना वायरस मानव जाति के लिए एक जानलेवा बीमारी के रूप में उभर रही है।
इधर, सूबे के संबंधित जिलों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस महामारी के नियंत्रण व रोकथाम को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश जारी किया गया है, बावजूद इसके गिद्धौर प्रखंड के दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधन द्वारा इस कोरोना वायरस से जुड़ी भीषण महामारी को लेकर उदासीन है। कोरोना वायरस से संक्रमित होने के भय से लोग सहमे हैं। आम जन में ऊहापोग की स्थिति बनी है।

- कहते हैं स्वास्थ्य विभाग के जानकार -

 स्वास्थ्य विभाग से जुड़े जानकारों कि यदि मानें तो, इस वायरस से संक्रमित लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम जाती है। शुरुआती दौर में न्यूमोनिया और फ्लू जैसे आम लक्षण दिखाई देते हैं जो धीरे धीरे यह बुखार, सांस लेने में तकलीफ, गले मे खरास से बढ़ते हुए फेफड़े को संक्रमित कर देता है, यह आगे चलकर लोगों के लिए जानलेवा साबित हो जाता है। इस दिशा में गिद्धौर पीएचसी द्वारा कोई भी पहल न किया जाना चिन्तनीय है।


- गिद्धौर पीएचसी कोरोना के लिए तैयार नहीं - 

शुक्रवार को सन्मार्ग टीम जब गिद्धौर पीएचसी पहुंची तब पाया कि प्रबंधन द्वारा इस दिशा में कोई भी तैयारी नही की गयी। अब ऐसी स्थिति में यदि गिद्धौर प्रखण्ड क्षेत्र में इस खतरनाक वायरस की चपेट में कोई व्यक्ति आता है तो उसे गिद्धौर पीएचसी में कोई विशेष व्यवस्था मिलने की उम्मीद नहीं है। ज्ञात हुआ कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा जन जागरूकता को लेकर प्रचार-प्रसार की भी कोई ठोस कदम नही उठाये गए हैं। एक वार्ड की व्यवस्था की गई है, जिसमे सुविधाएं अपर्याप्त हैं।

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आशा कार्यकर्ताओं को जागरूकता के लिए लगाया गया है। कर्मियों को मास्क दी गयी है। संक्रमण के लक्षण पाए जाने पर मरीज का स्क्रीनिंग कर उसे सदर अस्पताल भेजा जाता है। 
                - डॉ. राम स्वरूप चौधरी
             प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी,
     दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, गिद्धौर (जमुई)