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गिद्धौर PHC : तीन चिकित्सकों के भरोसे है सवा लाख की आबादी

न्यूज़ डेस्क | अभिषेक कुमार झा】 :-

स्वास्थ्य सेवा को बेहतर से बेहतरीन बनाने को लेकर सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। सत्ता बदली, व्यवस्था बदली, लेकिन नहीं बदला तो स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली, लिहाजा सीमित संसाधनों के बीच चिकित्सक अपने रोगियों के इलाज करने के लिए विवश है।
गिद्धौर पीएचसी 

अब जिला मुख्यालय से महज 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित  दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गिद्धौर की बानगी देखिये, जहां गिद्धौर प्रखंड क्षेत्र की एक बड़ी आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्थिति यह है कि 4 डॉक्टरों पर दो लाख की आबादी के इलाज का बोझ है। गिद्धौर पीएचसी में चिकित्सा एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी की कमी होने से पीएचसी की व्यवस्था चरमरा रही है। इतनी बड़ी आबादी के लिए पीएचसी में मात्र 3 चिकित्सक कार्यरत हैं।जबकि गिद्धौर पीएचसी में अभी भी 1 चिकित्सक के पद खाली हैं। अस्पताल में कुछ नियमित एवं कुछ संविदा पर कार्यरत कर्मी है। अस्पताल में कई रोग के विशेषज्ञ चिकित्सक भी नहीं है।
हालांकि, इस संदर्भ में गिद्धौर पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राम स्वरूप चौधरी ने बीते वर्ष के मार्च महीने में ही असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी से पत्रांक 30 के माध्यम से गिद्धौर पीएचसी में पदस्थापित कर्मचारियों की उद्यतन स्थिति से अवगत कराया था, पर एक वर्ष बीत जाने के बावजूद भी विभाग के ओर इस दिशा में कोई भी पहल नही की गई।
लोगों की मानें तो चिकित्सकों की कमी है लेकिन चिकित्सक की भरपाई नहीं हो पा रही है, जिसके कारण मरीजों का बुरा हाल हो रहा है।