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आगाज़ ऐसा तो अंजाम कैसा! भोजपुरी को अश्लीलता मुक्त करेंगे ये सन्यासी



पटना | अनूप नारायण :
इस बार भोजपुरी को अश्लीलता मुक्त करने का जिम्मा उठाया है एक सन्यासी ने. यह सन्यासी थोड़ा अलग है यह लोकहित के मामले को न्यायालय में उठाता है और उस पर त्वरित कार्रवाई भी होती है बिहारी नहीं देश के लोग इस व्यक्ति को जानते हैं नाम है विकास चंद्र गुड्डू बाबा बिहार के सिवान जिले के गोरिया कोठी के रहने वाले है विगत तीन दशकों से सामाजिक आंदोलन की लड़ाई लड़ रहे है.बात चाहे पटना को अतिक्रमण मुक्त कराने की हो या गंगा में लावारिस लाश से फेंकने पर रोक लगाने की सभी लड़ाई को इन्होंने अकेले लड़ा है आम आदमी की लड़ाई लड़ते है इसलिए दुश्मन भी बहुत ज्यादा है पटना उच्च न्यायालय ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था के लिए दो सरकारी सशस्त्र आरक्षण भी मुहैया करा रखा है बाबा 8 मार्च 2020 को मुजफ्फरपुर छपरा में घोषणा की कि इस बार वह लीक से हटकर भोजपुरी भाषा को गंदगी मुक्त कराने का आंदोलन की शुरुआत कर रहे हैं बाबा ने अपने लोकहित याचिका का ड्राफ्ट तैयार कर रखा है अगले दो-चार दिनों में न्यायालय के समक्ष पूरे प्रमाण के साथ जाएंगे. बाबा के अभियान का असर कल से ही उन सभी लोगों तक है जो लोग भोजपुरी को गंदा करने में लगे हुए हैं इसका साइड इफेक्ट भी नजर आने लगा है ये लोग फेसबुक पर और सोशल साइट पर आकर सफाई दे रहे हैं कि भोजपुरी में गंदगी नहीं होनी चाहिए यह कह रहे हैं कि मैंने गंदगी नहीं फैलाई है मेरे नाम को घसीटा जा रहा है बाबा कह रहे हैं कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष नहीं है लड़ाई उनसे है जिसने भोजपुरी रूपी गंगा को पूरी तरह से गंदा कर रखा है और किसी भी कीमत पर बाबा इन लोगों को बख्शने वाले नहीं हैं.

बाबा कहते हैं कि जो लोग उन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं उन्हें समझ लेना चाहिए कि बाबा के पास में 1 इंच जमीन है ना ₹1 है ना किसी तरह का लोग है ना पद चाहिए न पब्लिसिटी चाहिए बाबा लग रहा है तो बाबा लड़ेगा और किसी कीमत पर किसी को ही छोड़ेगा नहीं क्योंकि छह महीने के अंदर कम से कम हजारों लड़कियों और महिलाओं ने बाबा से अपने मन की व्यथा कही है किस तरह गंदे गाने जो भोजपुरी में बनते हैं उनके कारण उन्हें स्कूल कॉलेज जाने में परेशानी होती है घर से निकलना दूभर हो गया है और तो और लड़कियों के छद्म नामों से जो गाने बनते हैं उसके बाद राह चलती उस नाम की लड़की पर अश्लील कमेंट शुरू हो जाता है यहा तो सीधे महिला उत्पीड़न का मामला बनता है और इस मामले में लगभग दो दर्जन गायक गीतकार और संगीतकार सीधे जेल के सलाखों के पीछे जाएंगे. बाबा बताते हैं कि कानून सख्त है पर आज तक किसी ने कानून की दहलीज पर दस्तक नहीं दी ऐसे गाने को प्रमोट करने वाले कंपनियों पर आजीवन प्रतिबंध भी लग सकता है भोजपुरी को कलंक मुक्त करने के लिए उन्होंने दूसरी भाषाओं में जो गंदे कंटेंट पर रोक है उन सभी कानूनों का भी अवलोकन किया है कई सारे बड़े वकीलों से भी राय ली गई है.