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अलीगंज के चौरासा में चेचक से आक्रान्त, मेडिकल टीम ने दी राहत


अलीगंज (चन्द्रशेखर सिंह) :-

 गर्मी की दस्तक देते ही चेचक के प्रकोप शुरू होने लगी है। शनिवार को प्रखंड के चौरासा गांव में कुछ लोगों को चेचक होने की शिकायत हुई, और देखते ही देखते दर्जनो लोगों को अपने चपेट में ले लिया।

 जिसकी सूचना ग्रामीणों के द्वारा प्रखंड के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मो. साज़िद हुसैन को दी,तब चिकित्सा पदाधिकारी ने मेडिकल टीम को गांव भेजकर दवा दी गयी। मेडिकल टीम में डॉ. राहुल कुमार , बीसीएम संतोष सिंह के अलावे एएनएम व आशा के अलावे स्वास्थय कर्मी शिवशंकर प्रसाद भी उपस्थित थे।ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार की रात कुछ बच्चों को हुआ फिर उसके चपेट में बड़े लोग भी आक्रान्त हो गये। मेडिकल टीम पहुंचकर गांव में लोगों को दवा दिया।प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मो. साज़िद हुसैन ने बताया कि यह चेचक का प्रकोप अक्सर गर्मी के दिनों में होती है। अभी गर्मी की शुरुआत होते ही अपनी दस्तक दे दिया है। इसमें लोगों को थोड़ा संयमित रहने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि यह एक संक्रमित होती है। शरीर के गर्मी से उतपन्न होती है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी कारण होता है कि खाना अत्यधिक ठंडा व खुला छोड़ दिये जाने के बाद फिर वही गंदे खाना को बच्चे खा लेते हैं और पानी पीने से होती है, जिससे भी यह बीमारी ज्यादा बच्चे में ही पहले होते है। अत्यधिक ठंड व गर्म से भी यह बीमारी होती है।

बेरीसेला वायरस ठंड में ज्यादा सक्रिय होता है। इसमें लोगों को खान पान पर विशेष नजर रखने की जरूरत होती है। चिकित्सक ने बताया कि ज्यादा कड़े साबुन या ज्यादा देर स्नान करने से बच्चो में एकाएक माता की दुध को एकाएक छोडकर अन्य खाद पदार्थ खिलाने से इनसफेकसन होता है।और जिसकी त्वचा ज्यादा संवेदनशील होती है।उसे भी इस बीमारी होने की खतरा रहता है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी के बचाव में नीम के पती का उपयोग करें और शहद दिन में तीन बार प्रयोग करने पर फायदे होते हैं।