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बुधवार, 5 फ़रवरी 2020

खैरा स्थित गिद्धेश्वर नाथ मंदिर को लेकर गरमा रही है राजनीति



खैरा/जमुई (न्यूज़ डेस्क) :-

खैरा प्रखंड के गिदेश्वर नाथ मंदिर इन दिनों राजनीतिक चर्चा का विषय बन कर रह गया है। मंदिर के कमेटी के लोग इन दिनों एक-दूसरे पर आरोप पर आरोप लगाकर किसी को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं, जबकि शिवरात्रि में मात्र 14 दिन शेष बचा है। लेकिन अभी तक मंदिर की रंगाई एवं पेंटिंग का कार्य शुरू नहीं हो पाया जबकि प्रत्येक सोमवार एवं अन्य दिनों मुंडन कराने आए लोगों से हजार से पंद्रह सौ रुपए लिया जाता है। हिसाब के नाम पर इन लोगों के पास कोई लेखा-जोखा नहीं है।


 वर्तमान व्यवस्था में पूरी तरह से धांधली हो रही है जिसे देखने वाला कोई नहीं है स्थानीय ग्रामीण रंजित सिंह ,राम लखन सिंह, विकास सिंह, मुकेश यादव, बताते हैं कि दो साल पूरा हो चुका है लेकिन अभी तक गिदेश्वर नाथ मंदिर न्यास बोर्ड का गठन नहीं किया गया। लेकिन फिर भी कुछ लोगों के द्वारा मेला के दिन तहबाजारी रसीद काटा जाता है । 2 साल से प्रत्येक शिवरात्रि को स्थानीय ग्रामीण वीरू यादव  एवं पंडितों के द्वारा मेले में तहबाजारी रसीद काटा जा रहा है, लेकिन इनका लेखा-जोखा पूर्व में  मंदिर समिति सदस्य एवं अन्य पदाधिकारियों के पास नहीं है। इससे पूर्व मंदिर के सचिव पूर्व प्रमुख प्रभु यादव ने मेले का हिसाब किताब अच्छी तरह से रखा गया था और मंदिर का रखरखाव, मेले का संचालन अच्छी तरह से किया जा रहा था  कुछ लोग पूर्व सचिव को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं।
इस बाबत पूर्व प्रमुख प्रभु यादव से पूछे जाने पर बताया कि कुछ लोग मुझे बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। रंजीत श्रीवास्तव ने मेरे पर आरोप लगाया है कि डैम व बियर में दो का घोटाला हुआ है। यह निराधार है इसमें मात्र 74000 की निकासी की गई थी जो मंदिर एवं पूजा पाठ में खर्च किया गया था। यह पता लगाने के विषय किसी को बदनाम करना गलत है जिस पर न्यास परिषद द्वारा मुकदमा भी किया गया जो आज भी कोर्ट में चल रहा है।

Input - अरुण रंजन

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