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जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए बिहार के लाल रमेश रंजन


पटना | अनूप नारायण : कभी-कभी आंसुओं का मोल शब्दों से ज्यादा हो जाता है पटना एयरपोर्ट पर आज जब बिहार के इस शहीद की तिरंगे में लिपटी हुई वीरगति प्राप्त चौड़ी छाती वाली शव को लाया गया तो वहां मौजूद सभी की आंखें नम हो गई.
बुधवार को आतंकियों से लोहा लेते हुए जम्मू-कश्मीर के बारामूला में भोजपुर का लाल शहीद हो गया था. शहीद सीआरपीएफ का जवान रमेश रंजन जगदीशपुर प्रखंड क्षेत्र की बभनियाव पंचायत के देव टोले के डेरा निवासी  राधामोहन सिंह व सुमित्रा देवी का सबसे छोटे पुत्र थे.  चार भाइयों व एक बहन में सबसे छोटे रमेश रंजन 2011 में सीआरपीएफ की 73 वीं बटालियन में भर्ती हुए थे.
इनके पिता राधामोहन सिंह बिहार पुलिस के सब इंस्पेक्टर पद से रिटायर्ड हैं. बड़े भाई राजेश कुमार गांव में खेती करते हैं. वहीं, दूसरे और तीसरे नंबर के राजीव रंजन और रितेश रंजन दिल्ली में इंजीनियर के पद पर हैं. रमेश रंजन की शादी फरवरी,  2016 में गुड़ी सरैया गांव निवासी  विजय सिंह की बेटी बेबी देवी के साथ हुई थी.  रमेश रंजन 20 नवंबर, 2019 को एक माह की छुट्टी पर अपने गांव आये थे और 22 दिसंबर को ड्यूटी पर लौट गये थे. शहीद रमेश रंजन के शहीद होने की खबर बुधवार की दोपहर 12 बजे उनके दोस्त ने पिता राधामोहन सिंह को मोबाइल पर दी.
मुठभेड़ के दौरान उसने दो आतंकियों को भी मारा गिराया है. रमेश रंजन की पत्नी बेबी देवी फिलहाल कोलकाता में अपने माता-पिता के पास हैं. जम्मू-कश्मीर में  जवान रमेश रंजन के शहीद होने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शोक संवेदना व्यक्त की है. सीएम ने कहा है कि उनकी शहादत को देश हमेशा याद रखेगा. वे इस घटना से काफी मर्माहत हैं. मुख्यमंत्री ने वीर सपूत की शहादत पर उनके परिजनों को दुख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि शहीद जवान का राज्य सरकार की तरफ से पुलिस सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जायेगा.

Edited by : Aprajita