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मांगोबंदर : जनवितरण में अनियमितता को लेकर दिया गया ज्ञापन

मांगोबंदर/खैरा (न्यूज़ डेस्क) :-

सरकार जहां जनता के सहुलियत हेतु पंचायतों में सरकारी मूल्य पर अनाज का वितरण करने हेतु जन-वितरण प्रणाली दुकान के माध्यम से अनाज का आवंटन करती है।ताकि जनता को परेशानी न हो, बावजूद इसके विपरीत,जनवितरण प्रणाली के दुकानदारों द्वारा अक्सर अनियमितता एवं धांधली की ख़बर सुर्खियों में बनी रहती है। जिसका जीता जागता उदाहरण जिले के खैरा प्रखंडान्तर्गत मांगोबंदर पंचायत में भी देखने को मिल रहा है।


इस बाबत आइसा के राज्य उपाध्यक्ष चंद्रभूषण सिंह उर्फ बाबूसाहब ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि मांगोबंदर पैक्स के जनवितरण प्रणाली दुकानदार(डीलर) द्वारा निर्धारित समय सीमा पर लाभुकों को राशन नहीं देने से उनके समक्ष भुखमरी सी स्थिति पैदा हो जाती है।जबकि सभी डीलरों द्वारा 12 महीनों का राशन भी नहीं दिया जाता है,वहीं दिये गये राशन के माप-तौल में भी धांधली की जाती है। 20 किलो अनाज की जगह 18 तो उससे भी कम अनाज दिया जाता है और उसका शुल्क भी पुरे अनाज का लिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2019 के दिसम्बर महीने का राशन, किरासन अभी जनवरी 2020 के पहले सप्ताह के अंत तक भी नहीं दिया गया है। ऐसी स्थिति पैक्सों के अलावे पंचायतों में जनवितरण प्रणाली के अन्य दुकानदारों (डीलरों) द्वारा भी यही की जाती है। विडंबना इस बात की है, कि हमारे प्रतिनिधियों द्वारा इसकी जानकारी रहने के बावजूद ' कानों पे जूं तक न रेंगती' है और यह सिलसिला मयस्सर चलते रहने से इन्हें बढ़ावा मिलते रहता है जिससे जनता को परेशानी झेलनी पड़ती है।


इस कारण हमसभी ग्रामीण सामुहिक तौर पर इस भ्रष्टाचार पर कार्रवाई हेतु मंगलवार को जमुई अनुमंडलाधिकारी के समक्ष ज्ञापन देकर गुहार लगाये हैं।अगर समय रहते इसपर समुचित कार्रवाई नहीं की गई तो विवश होकर माकपा माले के नेतृत्व में सड़क पर आंदोलन की राह अपनानी पड़ेगी।

Input - नीरज कुमार