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बिहार में बनी विश्व की सबसे बड़ी मानव श्रृंखला, दिव्यांगों ने भी दिखाई अपनी भागीदारी

पटना | अनूप नारायण : बिहार सरकार द्वारा आयोजित जल जीवन और हरियाली तथा नशामुक्ति एवं बाल विवाह और दहेज प्रथा को मिटाने के लिए मानव श्रृंखला में दिव्यांगों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित किया। दिव्यांगों ने दानापुर प्रखंड के नजदीक सड़क के किनारे जल-जीवन और हरियाली, जीवन की खुशहाली आदि नारे लगाते हुए आम जनों में अपनी सहभागिता दिखाते हुए लोगों से पेड़ और पौधा लगाने की अपील की। मानव श्रृंखला में शामिल सभी दिव्यांग दानापुर के दिव्यांग विकास मंच से जुड़े हुए थे।
मंच के सचिव सचिन कुमार उर्फ़ पप्पू तथा कृष्णा प्रजापति ने बताया कि हम सभी दिव्यांग स्वेक्षा से इस अभियान से जुड़े हैं, हमें किसी प्रकार से कोई सरकारी दिशा-निर्देश नहीं दिया गया है। इस अवसर पर मानव श्रृंखला में दिव्यांग जनों के नेतृत्व करता तथा दिव्यांग जनों के वरीय नेता और दिव्यांग फ्यूचर एसोसिएशन के महासचिव राकेश कुमार ने कहा कि बिहार सरकार का यह कदम काफी सराहनीय है, जल जीवन और हरियाली होगा तभी बिहार और बिहार के लोग खुशहाली होंगे।
पूरे बिहार में दिव्यांगजन मानव श्रृंखला में आम लोगों के साथ जुड़कर हाथ से हाथ पकड़कर अपनी उत्साह के साथ एकजुटता दिखाया है। उन्होंने आगे कहा कि जल और जीवन एवं हरियाली बचाना समाज के सभी वर्गों का जिम्मेदारी है, ताकि स्वच्छ पर्यावरण के साथ स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।

दिव्यांग है तो क्या हुआ? एक अंग है समाज का?

समाज और राज्य तथा राष्ट्र एवं पर्यावरण बचाने में दिव्यांगजन आम जनों से ज्यादा अपनी भूमिका प्राथमिकता से प्रमुखता से सबसे पहले रखेंगे और आम जनों के साथ सहयोग में भी सबसे आगे रहेंगे। दिव्यांग अपनी योगदान देने में कभी भी पीछे नहीं हो सकते बशर्ते दिव्यांग जनों का हौसला अफजाई समाज और सरकार के द्वारा होना बहुत जरूरी है।
इस अवसर पर बिहार दिव्यांग अधिकार मंच के सचिव सुधीर पासवान, अरूण कुमार, प्रवीण कुमार, रवि कुमार, राकेश पंडित, शोभा देवी, कारू साव, संजीव कुमार, लाला पासवान, अशोक कुमार, विकास कुमार, छोटू कुमार, विकास केसरी, आलोक कुमार, गोलू कुमार आदि सैकड़ों दिव्यांगजन उपस्थित थे।