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गिद्धौर में बोले आनंद कौशल सिंह : अपने मांगों के समर्थन में 4 लाख शिक्षक 17 फरवरी से हड़ताल पर


>> सरकार के तानाशाही रवैये का मुँह तोड़ जवाब देने के लिए एकजुट हुए शिक्षक संघ

न्यूज़ डेस्क | अभिषेक कुमार झा】 :-

 सूबे के सभी नियोजित शिक्षकों को पुराने शिक्षकों की तरह वेतनमान, पुराना सेवा शर्त एवं पुरानी सारी सुविधा देने आदि जैसे मांगों के समर्थन में आगामी 17 फरवरी से बिहार में कार्यरत सभी कोटि के नियोजित एवं नियमित शिक्षक आम हड़ताल पर चले जाएंगे ।
यह निर्णय बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले सभी 28 शिक्षक संघों के प्रदेश अध्यक्षों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है।


 पटना से  राज्यस्तरीय बैठक में भाग लेकर लौटने के बाद बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के प्रदेश कोर कमिटि के सदस्य आनंद कौशल सिंह ने बुधवार को गिद्धौर स्थित शिक्षक संघ कार्यालय में इस आशय की जानकारी दी ।
प्रदेश कोर कमिटि के सदस्य आनंद कौशल ने कहा कि सरकार से बारंबार आग्रह के बाबजूद नियोजित शिक्षकों के मांगों को अनसुना कर दिया है । उन्होंने कहा लोकतंत्र में सरकार को सभी की बातें सुनकर समाधान करना चाहिए, लेकिन बिहार सरकार के द्वारा 16 साल से नियोजित शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। श्री सिंह ने कहा सरकार के शिक्षक विरोधी नीति व हठधर्मिता के खिलाफ सूबे के प्रारंभिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक तक सभी शिक्षक 75 हजार विद्यालय में तालाबंद कर 17 फरवरी से हड़ताल पर चले जायेंगे । हड़ताल अवधि के दौरान बिहार में कार्यरत सभी शिक्षक शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कार्यों से अपने को दूर रखेंगे । साथ ही परीक्षा ड्यूटी, बीएलओ का कार्य, मैट्रिक और इंटर का मूल्यांकन का कार्य का हड़ताल की अवधि में बहिष्कार किया जाएगा ।


उन्होंने कहा कि हड़ताल में जाना शिक्षकों का लोकतांत्रिक अधिकार है । लेकिन हड़ताल अवधि में अगर किसी भी पदाधिकारी के द्वारा शिक्षकों को जबरन मैट्रिक परीक्षा में वीक्षण आदि जैसे कार्यों में लगाया जाएगा तो सभी शिक्षक सड़क पर उतर चक्का जाम कर देंगें ।
आनंद ने बताया कि शिक्षकों के हड़ताल में जाने की सूचना लिखित सूबे के मुख्यमंत्री , मुख्य सचिव आदि को दे दी गई है ।