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जैसा भी हो मौसम, गिद्धौर के दुर्गा मंदिर में अनवरत जारी है साप्ताहिक संध्या आरती

गिद्धौर/जमुई [अपराजिता] :
शनिवार की शाम स्थानीय दुर्गा मंदिर में साप्ताहिक आरती का आयोजन किया गया। ज्ञातव्य हो कि गिद्धौर के अतिप्राचीन दुर्गा मंदिर में प्रत्येक मंगलवार एवं शनिवार को संध्या आरती का आयोजन पिछले 2 सालों से अनवरत किया जा रहा है। इसमें स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ अगल-बगल के गांव के निवासी भी अपने परिवार के साथ शामिल होते हैं। आरती के सफल संचालन में शारदीय दुर्गा पूजा सह लक्ष्मी पूजा समिति के पदाधिकारी एवं सदस्यगण अपना अभूतपूर्व योगदान देते हैं।
संध्या बेला में मंदिर परिसर में माता दुर्गा की आरती के वक्त श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ जाती है। गजल और भजन की गायकी के लिए इलाके में प्रसिद्ध गणेश राय द्वारा माँ दुर्गा केे भजनों की प्रस्तुति दी जाती है। गणेश वंदना से संध्या आरती कार्यक्रम की शुरुआत होती है और फिर माता रानी, शिव जी, हनुमान जी, भगवान श्री राम जी के भजन के बाद महाआरती होती है।

गर्मी के दिनों में संध्या 5 बजे से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो जाती है। भीड़ इतनी ज्यादा रहती है कि लोग मंदिर परिसर के बाहर एकत्रित होकर माता की आरती में शामिल होते हैं। ठंड की वजह से इनदिनों भीड़ में काफी कमी देखी जा रही है। यहाँ यह बतला दें कि जब से संध्या आरती की शुरुआत हुई है, उसके बाद से मौसम जैसा भी हो यह आरती किसी भी मंगलवार या शनिवार को स्थगित नहीं होती है।
शाम में जैसे ही गिद्धौर की जगतजननी जगदंबा का पट खुलता है, वैसे ही श्रद्धालुओं द्वारा जय माता दी, पतसंडे वाली मैया की जय जैसे नारों का जयघोष लगता रहता है। लोग संध्या बेला में पूजा अर्चना की सामग्री लेकर अपने परिवार तथा गांव समाज के सुखमय जीवन की कामना करते हैं। आरती शुरू होते ही लोग एक स्वर में भाव-विभोर होकर भक्ति में झूमते हुए माता की आरती गाते हैं। बढ़ती शीतलहर एवं मौसम की नजाकत को देखते हुए श्रद्धालु काफी कम संख्या में उपस्थित हो रहे हैं लेकिन फिर भी माता जगदंबा का जयकारा ऊंचे स्वर में लगाया जाता है। अभी ठंड के कारण शाम 6 बजे तक आरती समाप्त हो जाती है।

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