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शैक्षणिक भ्रमण पर गए मध्य एवं उच्च विद्यालय मौरा के बच्चे, प्रखंड प्रमुख ने दिखाई हरी झंडी

गिद्धौर/जमुई [सुशान्त साईं सुन्दरम] :
शैक्षणिक भ्रमण से ही बच्चों का आत्म-ज्ञान बढता है तथा शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक विकास होता है. केवल किताबों में पढने से ज्यादा जानकारी ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण से मिलती है. उक्त बातें गिद्धौर प्रखंड प्रमुख शम्भू कुमार केशरी ने कही. वे रविवार को मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना सह शैक्षणिक परिभ्रमण के तहत मध्य विद्यालय मौरा एवं उत्क्रमित उच्च विद्यालय मौरा के छात्र-छात्राओं की बस को गिद्धौर स्थित दुर्गा मंदिर के निकट हरी झंडी दिखाकर रवाना कर रहे थे.

मौके पर मौजूद पतसंडा पंचायत की पूर्व सरपंच आनंदिता शर्मा ने कहा कि ऐतिहासिक व दार्शनिक स्थलों के परिभ्रमण से स्कूली बच्चों मे आत्म-ज्ञान के साथ ही बौद्धिक विकास होगा.
मौके पर प्राचार्य बिनय कुमार पाण्डेय ने बताया कि विद्यालय के शैक्षिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए सरकार द्वारा शैक्षिक परिभ्रमण को अनिवार्य कर दिया गया है. मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना के तहत विद्यालय के छात्र-छात्राओं को पर्यटक स्थलों की जानकारी से प्रतिवर्ष अवगत कराया जा रहा है. शैक्षिक परिभ्रमण के उद्देश्यों पर श्री पाण्डेय ने कहा कि इससे छात्रों को राजगीर, पावापुरी तथा नालंदा के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्वों के विषय में विशेष जानकारी प्राप्त हो सकेगी.

छात्रों की जिज्ञासा व इन स्थलों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करने के लिए विद्यालय से विशेषज्ञ शिक्षकों का एक दल भी छात्रों के साथ है. बच्चों के परिभ्रमण दल के साथ शिक्षक संजय कुमार शर्मा, नागेंद्र नाथ, सुरेंद्र पासवान, संजय रजक, विजय प्रकाश मालवीय, शब्बीर अंसारी, गुलनार परवीन एवं उत्क्रमित उच्च विद्यालय मौरा के शिक्षा प्रेमी बिंदु कुमार यादव शामिल हैं. जिनके द्वारा बच्चों को पर्यटन स्थल के भौगोलिक, ऐेतिहासिक सहित सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी जायेगी.